ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर चल रही बातचीत इस्लामाबाद में नाकाम रही है. इस तनाव के बीच अब रूस ने आगे आकर मदद की पेशकश की है. रूस ने कहा है कि वह ईरान के संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) की समस्या को सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकता है.
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रूस ने क्या प्रस्ताव दिया है?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका और क्षेत्र के अन्य देशों को यह बताया है कि वे ईरान के यूरेनियम को अपने पास रखने के लिए तैयार हैं. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि यह प्रस्ताव काफी समय से खुला है लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. रूसी विदेश मंत्रालय के मुताबिक वे ईरान के अतिरिक्त परमाणु सामग्री को निर्यात कर उसे रिएक्टर ईंधन में बदलने में मदद कर सकते हैं.
यह खबर अब चर्चा में क्यों आई?
दरअसल, पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका की बैठक हुई थी लेकिन दोनों देश किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सके. यूरेनियम का मुद्दा इन दोनों देशों के बीच बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है. इसी माहौल में रूस ने फिर से अपनी इच्छा जताई है कि वह इस विवाद को खत्म करने में मदद करे ताकि तनाव कम हो सके.
परमाणु प्लांट और सुरक्षा पर रूस की चेतावनी
रूस ने ईरान के बुशेहर परमाणु बिजली संयंत्र से अपने लगभग सभी कर्मचारियों को हटा लिया है क्योंकि वहां हवाई हमलों का खतरा बना हुआ है. रूस ने चेतावनी दी है कि अगर इस प्लांट के पास हमला हुआ तो यह चेरनोबिल से भी बड़ी रेडियोलॉजिकल तबाही ला सकता है. इसके अलावा रूस ने अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी करने की धमकी की भी कड़ी आलोचना की है.
