रूस और ईरान ने मिडिल ईस्ट के तनाव को खत्म करने के लिए एक साथ काम करने का फैसला किया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान को अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया है। यह सब उस समय हुआ जब नई दिल्ली में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक चल रही थी और दुनिया की नजरें इस क्षेत्र की शांति पर टिकी थीं।
📰: UAE में भारत से सस्ता हुआ सोना, नए नियमों के बाद दुबई जाने की बढ़ी होड़, जानें पूरा हिसाब।
पुतिन और ईरान के बीच क्या बातचीत हुई?
12 मई 2026 को सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की। इस मीटिंग में पुतिन ने ईरान को अपना समर्थन दिया और उम्मीद जताई कि मिडिल ईस्ट के तनाव का शांतिपूर्ण समाधान निकलेगा। पुतिन ने साफ कहा कि रूस वह सब कुछ करेगा जिससे ईरान और पूरे क्षेत्र के लोगों के हितों की रक्षा हो सके और जल्द से जल्द शांति आए।
नई दिल्ली की BRICS बैठक में ईरान ने क्या मुद्दे उठाए?
14 मई 2026 को नई दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक हुई जिसमें ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव शामिल हुए। इस बैठक में ईरान ने निम्नलिखित बातें रखीं:
- ईरान ने अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए हमलों को गैरकानूनी बताया और BRICS देशों से इसकी निंदा करने को कहा।
- अराघची ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के राजनीतिक इस्तेमाल का विरोध किया और युद्ध भड़काने वाली हरकतों को रोकने की मांग की।
- उन्होंने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और लाल सागर जैसे समुद्री रास्ते व्यापार के लिए खुले हैं, लेकिन जहाजों को ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करना होगा।
- ईरान ने यह भी बताया कि BRICS अब ग्लोबल साउथ के देशों के नेतृत्व में एक नए वैश्विक दौर की शुरुआत है।
अमेरिका और चीन का इस स्थिति पर क्या रुख है?
एक तरफ जहां रूस और ईरान करीब आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को हर हाल में खुला रखना होगा। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उम्मीद जताई कि चीन ईरान को फारस की खाड़ी में अपनी गतिविधियां रोकने के लिए मना लेगा। हालांकि, ईरान ने बातचीत के बाद कुछ चीनी जहाजों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक कहाँ आयोजित हुई थी
यह महत्वपूर्ण बैठक 14 मई 2026 को भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित की गई थी, जिसमें भारत ने अध्यक्ष की भूमिका निभाई।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान का क्या कहना है
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि यह रास्ता व्यापारिक जहाजों के लिए खुला है, लेकिन सुरक्षा के लिए जहाजों को ईरानी नौसेना के साथ तालमेल बिठाना होगा।
