रूस और ईरान के बीच परमाणु यूरेनियम को लेकर बड़ी हलचल मची है। रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से बात करते हुए ईरान के यूरेनियम को रूस में रखने का सुझाव दिया। हालांकि, ईरान ने इस प्रस्ताव पर अपनी सख्त ना कह दी है जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तनाव बढ़ गया है।

रूस ने क्या प्रस्ताव दिया और चीन की क्या भूमिका है?

रूस के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने बताया कि राष्ट्रपति Vladimir Putin ने चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ एक आइडिया साझा किया। उन्होंने कहा कि ईरान के समृद्ध यूरेनियम (enriched uranium) को रूस में लाया जा सकता है और वहीं स्टोर किया जा सकता है। रूस यह ऑफर फरवरी और अप्रैल 2026 से ही दे रहा था ताकि भविष्य में शांति समझौता हो सके। रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Maria Zakharova ने भी कहा कि ईरान के यूरेनियम का फैसला केवल ईरान को ही करना चाहिए और इसे डिप्लोमैटिक तरीके से सुलझाना चाहिए।

ईरान ने यूरेनियम भेजने से क्यों किया इनकार?

ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने साफ निर्देश दिए हैं कि देश के यूरेनियम को विदेश नहीं भेजा जाएगा। ईरान का कहना है कि परमाणु संवर्धन (nuclear enrichment) उनका हक है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने भी यही बात दोहराई। ईरान ने कहा कि वे यूरेनियम की शुद्धता कम कर सकते हैं, लेकिन उसे देश से बाहर नहीं भेजेंगे।

अमेरिका और इसराइल का इस मामले पर क्या कहना है?

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ किया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है कि रूस ईरान का यूरेनियम ले। हालांकि, राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले संकेत दिए थे कि वे चाहते हैं कि किसी भी शांति समझौते में ईरान का यूरेनियम देश से बाहर निकाला जाए। ट्रंप ने इसराइल को भी भरोसा दिलाया था कि यूरेनियम को ईरान से हटाया जाएगा। इस पूरे विवाद को सुलझाने में फिलहाल पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या रूस ईरान का यूरेनियम अपने पास रखना चाहता है?

हाँ, राष्ट्रपति पुतिन ने यह प्रस्ताव दिया है ताकि तनाव कम हो सके और यूरेनियम को रूस में सुरक्षित स्टोर किया जा सके।

ईरान ने इस ऑफर को क्यों ठुकराया?

ईरान के सुप्रीम लीडर ने आदेश दिया है कि यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजा जाएगा क्योंकि परमाणु संवर्धन उनका कानूनी अधिकार है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.