Strait of Hormuz में चल रहे तनाव को कम करने के लिए रूस और कतर ने एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने फोन पर बातचीत की और इस बात पर सहमति जताई कि इस संकट को सुलझाने के लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यह खबर ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।
रूस और कतर के बीच क्या बातचीत हुई
5 मई 2026 को रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov और कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani ने फोन पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने माना कि Strait of Hormuz के संकट को युद्ध या ताकत के दम पर हल नहीं किया जा सकता। रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी पक्षों को एक ऐसा स्थायी समाधान निकालना चाहिए जिससे खाड़ी देशों की सुरक्षा भी बनी रहे और समुद्री रास्तों पर जहाजों का आना-जाना भी न रुके।
अमेरिका का Project Freedom और ईरान का विरोध
इसी दिन अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने एक नया प्लान पेश किया जिसे Project Freedom नाम दिया गया है। इस मिशन में अमेरिकी नेवी के जहाज उन व्यापारिक जहाजों को रास्ता दिखाएंगे जो वहां फंसे हुए हैं। इससे पहले अमेरिका Operation Epic Fury चला रहा था जिसे अब बंद कर दिया गया है। दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस अमेरिकी कदम को Project Deadlock कहा है और बताया कि राजनीतिक मसलों का हल सेना के दम पर नहीं निकल सकता।
संकट की मौजूदा स्थिति और मुख्य बिंदु
- कतर का रुख: कतर ने UN Security Council के प्रस्ताव 2817 का हवाला देते हुए कहा कि समुद्री रास्तों की सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही बहुत जरूरी है।
- रूस की राय: रूस का मानना है कि यह पूरा विवाद अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की वजह से शुरू हुआ।
- ईरान की कार्रवाई: ईरान ने जहाजों के आने-जाने के लिए एक नया सिस्टम लागू किया है।
- शांति समझौता: 8 अप्रैल 2026 को एक युद्धविराम हुआ था लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है और कई जगह हमले की खबरें आ रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Project Freedom क्या है?
यह अमेरिका द्वारा शुरू किया गया एक नेवल एस्कॉर्ट ऑपरेशन है। इसमें अमेरिकी डिस्ट्रॉयर्स और एयर डिफेंस के जरिए उन व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा जो Strait of Hormuz में फंसे हुए हैं।
रूस और कतर के बीच किस बात पर सहमति बनी?
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने 5 मई 2026 को फोन पर बात की और सहमति जताई कि Strait of Hormuz संकट को सुलझाने के लिए किसी भी तरह के बल या ताकत का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।