रूस ने ईरान के परमाणु यूरेनियम विवाद को सुलझाने के लिए अपनी मदद की पेशकश की है। रूसी विदेश मंत्री Sergei Lavrov ने साफ किया है कि ईरान को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम समृद्ध करने का पूरा हक है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बातचीत नाकाम रही और अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी कर दी।

रूस ने ईरान के मुद्दे पर क्या स्टैंड लिया है?

रूसी विदेश मंत्री Sergei Lavrov ने बीजिंग में कहा कि रूस इस विवाद को हल करने में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यूरेनियम समृद्ध करना ईरान का कानूनी और प्राकृतिक अधिकार है। Lavrov के मुताबिक International Atomic Energy Agency (IAEA) ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम में कभी भी किसी सैन्य इरादे को रिकॉर्ड नहीं किया है। रूस किसी भी ऐसे फैसले का स्वागत करेगा जो तेहरान के कानूनी अधिकारों के दायरे में हो।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव क्यों बढ़ा?

हाल ही में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई थी जो पूरी तरह विफल रही। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे। बातचीत टूटने के बाद अमेरिका ने Strait of Hormuz पर नाकेबंदी का ऐलान किया है जिससे समुद्री रास्तों पर असर पड़ा है। Lavrov ने अमेरिका से मध्य पूर्व में अपनी आक्रामकता को रोकने की मांग की है।

रूस और चीन की क्या योजना है?

क्रेमलिन प्रवक्ता Dmitry Peskov ने बताया कि राष्ट्रपति Vladimir Putin ने अमेरिका और अन्य देशों के सामने एक प्रस्ताव रखा था। रूस ईरान के समृद्ध यूरेनियम को किसी शांति समझौते के हिस्से के रूप में स्वीकार करने को तैयार है। Lavrov ने यह भी कहा कि चीन और रूस मिलकर अमेरिका और ईरान की बातचीत में बाहरी मदद देने के लिए तैयार हैं। रूस तनाव कम करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करने को तैयार है।