ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दुनिया भर में हलचल मची है. रूस की सरकारी परमाणु कंपनी Rosatom ने ईरान से यूरेनियम हटाने में मदद करने की बात कही है. वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच इस मुद्दे पर खींचतान चल रही है, जिससे तनाव बढ़ा हुआ है.

रूस ने क्या मदद की पेशकश की है?

रूस की परमाणु कंपनी Rosatom के चीफ Alexei Likhachev ने 18 अप्रैल 2026 को कहा कि वे ईरान से यूरेनियम हटाने में मदद के लिए तैयार हैं. रूस इस समय अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर भी अपनी नज़र रखे हुए है. क्रेमलिन प्रवक्ता Dmitry Peskov ने बताया कि रूस ने पहले भी यूरेनियम लेने का प्रस्ताव दिया था, जिसे अमेरिका ने ठुकरा दिया था, लेकिन राष्ट्रपति पुतिन अब भी इस मदद के लिए तैयार हैं.

अमेरिका और ईरान के बीच क्या विवाद है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम को बंद करने के लिए उनकी लगभग सभी शर्तें मानने को तैयार हो गया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान से सारा यूरेनियम वापस लेगा और इसके बदले ईरान को कोई पैसा नहीं दिया जाएगा. हालांकि, ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Ghalibaf ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है और कहा कि मीडिया के जरिए जनता की राय बदलने की कोशिश करने से उनका फैसला नहीं बदलेगा.

अब तक की मुख्य घटनाओं की लिस्ट

तारीख मुख्य अपडेट
18 अप्रैल 2026 Rosatom ने यूरेनियम हटाने में मदद की बात कही; ट्रंप और ईरान के बयानों में टकराव.
17 अप्रैल 2026 ईरान ने यूरेनियम सौंपने के डोनाल्ड ट्रंप के सुझाव को खारिज कर दिया.
16 अप्रैल 2026 Dmitry Peskov ने कहा कि अमेरिका ने पहले रूस के प्रस्ताव को मना कर दिया था.
15 अप्रैल 2026 क्रेमलिन ने पुष्टि की कि अमेरिका ने रूस द्वारा यूरेनियम लेने के प्रस्ताव को अस्वीकार किया.
14 अप्रैल 2026 रूस ने शांति समझौते के तहत ईरान का यूरेनियम लेने की इच्छा जताई.
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.