रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। 5 जून 2026 को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि रूस दोनों देशों के बीच बातचीत का समर्थन करता है, लेकिन किसी भी समझौते में ईरान और उसके पड़ोसी देशों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर ईरान पर कोई हमला हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी।

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क्या सच में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाला है समझौता?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 जून 2026 को संकेत दिया था कि अमेरिका और ईरान एक शांति समझौते के बहुत करीब हैं। हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि बातचीत के रास्ते खुले हैं और संदेशों का आदान-प्रदान भी हो रहा है, लेकिन अभी तक बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। ईरान का मानना है कि परमाणु मुद्दों पर अभी और बातचीत की जरूरत है।

रूस ने खाड़ी देशों के साथ साझा किया नया सुरक्षा प्लान

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बताया कि रूस ने फारस की खाड़ी के लिए अपने सुरक्षा प्लान को अपडेट किया है। इस नए सुरक्षा कांसेप्ट को रूस ने खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC के देशों और ईरान के साथ साझा किया है। रूस का कहना है कि किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए सैन्य तरीकों को पूरी तरह बाहर रखा जाना चाहिए। पाकिस्तान, सऊदी अरब और मिस्र जैसे देश भी इस बातचीत में मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।

क्षेत्रीय तनाव और इजरायल-लेबनान विवाद का असर

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इस बातचीत पर क्षेत्र में चल रहे अन्य विवादों का भी असर पड़ रहा है। 4 जून 2026 को हिजबुल्लाह ने अमेरिका की मध्यस्थता वाले इजरायल-लेबनान युद्धविराम समझौते को खारिज कर दिया था। इसके बाद इजरायल ने लेबनान के गांवों पर हमले किए। इन घटनाओं की वजह से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल काफी संवेदनशील हो गया है, जिससे अमेरिका और ईरान की बातचीत भी प्रभावित हो रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रूस ने अमेरिका और ईरान की बातचीत को लेकर क्या रुख अपनाया है?

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि रूस इस बातचीत का समर्थन करता है, लेकिन समझौते में ईरान और उसके पड़ोसियों के हितों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने सैन्य तरीकों का विरोध किया है।

क्या ईरान और अमेरिका के बीच समझौता होने वाला है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते के करीब होने की बात कही थी, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अभी तक बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और आगे बातचीत की जरूरत है।