रूस ने ईरान की उन ऐतिहासिक जगहों को फिर से ठीक करने में मदद करने का ऐलान किया है, जो अमेरिका और इसराइल के हमलों में तबाह हो गई थीं। ईरान के कई पुराने महल और म्यूजियम इस लड़ाई में बुरी तरह टूटे हैं। अब रूस इस नुकसान की भरपाई में ईरान का साथ देगा।

कितना हुआ नुकसान

ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्रालय के डिप्टी मंत्री अली दराबी ने बताया कि देश के 18 राज्यों की 149 ऐतिहासिक जगहें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसका कुल नुकसान 75 ट्रिलियन रियाल से ज़्यादा बताया गया है। इनमें 54 म्यूजियम और 5 ऐसी जगहें शामिल हैं जिन्हें यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज साइट माना है।

सबसे ज़्यादा नुकसान तेहरान में हुआ है जहाँ 70 जगहें प्रभावित हुई हैं। इसके बाद कुर्दिस्तान में 13 और केर्मनशाह में 5 साइट्स को नुकसान पहुँचा है। मशहूर गोलिस्ताँ पैलेस की हालत बहुत खराब है। यहाँ के शीशमहल और मार्बल थ्रोन को भारी नुकसान हुआ है और 50 से 60 प्रतिशत दरवाज़े और खिड़कियाँ टूट गई हैं।

विवरण जानकारी
कुल प्रभावित साइट्स 149
प्रभावित राज्य 18
कुल अनुमानित नुकसान 7.5 ट्रिलियन तोमान (करीब $49 मिलियन)
गोलिस्ताँ पैलेस मरम्मत खर्च $1.7 मिलियन
तेहरान में प्रभावित साइट्स 70
प्रभावित म्यूजियम 54

रूस की मदद और साझेदारी

रूस ने न केवल ऐतिहासिक इमारतों बल्कि ऊर्जा और बिजली जैसे ज़रूरी बुनियादी ढाँचे को फिर से बनाने की भी पेशकश की है। रूसी डिप्टी एनर्जी मिनिस्टर मार्शाविन ने ईरान को आधुनिक उपकरण देने और प्रोजेक्ट्स में मदद करने का भरोसा दिया है। इस कदम से मॉस्को और तेहरान के बीच रणनीतिक साझेदारी और मज़बूत होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि मरम्मत का काम शुरू करने के लिए हालात का स्थिर होना ज़रूरी है। गोलिस्ताँ पैलेस जैसी बड़ी जगहों को पूरी तरह ठीक करने में दो या उससे ज़्यादा साल लग सकते हैं। फिलहाल इन स्थलों के नुकसान का बारीकी से आकलन किया जा रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.