क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच 18 जुलाई 2026 को रूस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अमेरिका और ईरान से तत्काल युद्धविराम करने की अपील की है। रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov और UAE के विदेश मंत्री Abdullah bin Zayed Al Nahyan ने फोन पर बात करते हुए जोर दिया कि दोनों देशों को वापस बातचीत की मेज पर आना चाहिए। साथ ही, उन्होंने Strait of Hormuz में सुरक्षित समुद्री रास्ते बनाए रखने की जरूरत पर भी बल दिया, क्योंकि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
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ईरान का बड़ा फैसला और संघर्ष का असर
ईरान ने घोषणा की है कि उसने अमेरिका के साथ हुए अपने अंतरिम समझौते की प्रतिबद्धताओं को सस्पेंड कर दिया है। ईरान के उप-विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने बताया कि अमेरिका द्वारा समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने के कारण यह कदम उठाया गया है। इधर, दोनों देशों के बीच लगातार सातवीं रात भी सैन्य और बुनियादी ढांचों पर हमले जारी रहे।
इस संघर्ष का असर आम लोगों पर भी पड़ा है। अमेरिकी हमलों के कारण ईरान के दक्षिणी गांवों में करीब 10,000 लोगों के लिए पीने के पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी हमलों में 50 लोगों की मौत हुई है और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, ईरान के जवाबी हमलों से कुवैत में एक तेल सुविधा केंद्र और पानी के प्लांट को भी नुकसान पहुंचा है।
