रूस के विदेश मंत्री Sergei Lavrov और UAE के विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan के बीच एक अहम बातचीत हुई है। इस बातचीत में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को समर्थन देने की बात कही गई ताकि दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध न शुरू हो जाए। रूस का मानना है कि अगर अब शांति नहीं बनी तो पूरे इलाके की स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।

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रूस और UAE ने अमेरिका-ईरान बातचीत पर क्यों दिया जोर?

रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। रूस चाहता है कि दोनों देश युद्ध की राह छोड़कर बातचीत करें ताकि आम लोगों और बुनियादी ढांचे को नुकसान न पहुंचे। UAE के विदेश मंत्री ने भी इस बात पर सहमति जताई कि सैन्य गतिविधियों को तुरंत कम करना चाहिए ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।

क्या है अमेरिका और ईरान के बीच का ताजा विवाद?

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। 7 मई 2026 को Strait of Hormuz में अमेरिकी जहाजों पर हमले की खबर के बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान ने इस कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताया और अमेरिका पर हमलावर होने का आरोप लगाया। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि ईरान अब शांति प्रस्ताव पर विचार कर रहा है और यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रूस और UAE ने किस बात पर सहमति जताई?

दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को समर्थन मिलना चाहिए ताकि युद्ध दोबारा शुरू न हो और क्षेत्र में शांति बनी रहे।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की मुख्य वजह क्या थी?

7 मई 2026 को Strait of Hormuz में अमेरिकी जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।