रूस और यूक्रेन के बीच तेज हुआ हमला, ड्रोन और हवाई हमलों में 20 से ज्यादा नागरिकों की गई जान.

Sushma Kumari5 August 20262 min read72 viewsWorld
रूस और यूक्रेन के बीच तेज हुआ हमला, ड्रोन और हवाई हमलों में 20 से ज्यादा नागरिकों की गई जान.

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष अब और अधिक हिंसक हो गया है, जहाँ दोनों देशों की तरफ से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों ने आम नागरिकों की जिंदगियों को भारी नुकसान पहुँचाया है। हाल के दिनों में मास्को के पास और यूक्रेन के विभिन्न शहरों में हुए भीषण हमलों में दर्जनों लोगों की मौत हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। इस लगातार बढ़ते संघर्ष के कारण आम लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

रूसी इलाकों में ड्रोन हमलों का कहर

3 अगस्त 2026 को रूस के Krasnodar क्षेत्र के एक रिसॉर्ट शहर Arkhipo-Osipovka के पास एक समुद्र तट पर ड्रोन हमला हुआ। इस दर्दनाक घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है, जिसमें 3 छोटे बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में 58 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 21 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। चश्मदीदों ने बताया कि वहां जोरदार धमाके की आवाजें सुनी गई थीं। इसके अलावा 4 अगस्त 2026 को हुए अन्य हमलों में Udmurtia और Belgorod क्षेत्रों में 3-3 लोगों की मौत हुई है। मास्को के पास भी अलग से हुए यूक्रेनी ड्रोन हमलों में 5 लोगों के मारे जाने की सूचना है।

यूक्रेन पर भी बरसी मिसाइलें

दूसरी तरफ, यूक्रेनी अधिकारियों ने जानकारी दी कि 30 जुलाई 2026 को रूसी सेना द्वारा किए गए मिसाइल और अन्य हथियारों के हमलों में कम से कम 7 आम नागरिकों की मौत हुई। इन हमलों का सबसे ज्यादा असर Dnipropetrovsk और Lviv क्षेत्रों में देखने को मिला, जहाँ कई मासूम बच्चे भी मारे गए और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। इन हमलों ने बुनियादी ढांचे और रिहायशी इलाकों को भी काफी नुकसान पहुँचाया है।

लगातार बढ़ता जा रहा है तनाव

रूस और यूक्रेन के बीच का यह संघर्ष करीब 1,250 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा पर फैला हुआ है। दोनों देश ही अपने सैन्य नुकसान के आंकड़ों को सार्वजनिक करने से बच रहे हैं, लेकिन आम नागरिकों पर हो रहे हमले इस युद्ध की भयावहता को साफ दर्शाते हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, ऊर्जा और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए जा रहे ये हमले अब आम बस्तियों तक पहुँच चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं, क्योंकि आने वाले समय में इन हमलों के और तेज होने की आशंका बनी हुई है।

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