अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के दूत Kirill Dmitriev ने बताया कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। गुरुवार को दोनों पक्षों ने 314 कैदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई है। यह पिछले पांच महीनों में अब तक का सबसे बड़ा एक्सचेंज है जिस पर दोनों देश राजी हुए हैं।

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कैदियों की रिहाई पर क्या बोले अमेरिकी दूत?

अमेरिकी दूत Steve Witkoff ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि पांच महीने बाद पहली बार कैदियों की अदला-बदली हो रही है। उन्होंने बताया कि डेलिगेशन के बीच हुई बातचीत काफी विस्तृत और सकारात्मक रही। हालांकि अभी शांति समझौते के लिए काफी काम करना बाकी है, लेकिन यह एक अच्छी शुरुआत मानी जा रही है। 4 और 5 फरवरी को हुई इस मीटिंग में यूक्रेन की तरफ से Rustem Umerov और रूस की तरफ से दिमित्रीव मौजूद थे।

शांति प्रक्रिया में कौन डाल रहा बाधा?

रूसी दूत ने बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि यूरोप और ब्रिटेन के कुछ लोग शांति प्रक्रिया को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लगातार दखल देने का प्रयास करते हैं। इसके बावजूद अमेरिका और रूस के बीच आर्थिक मुद्दों पर काम करने वाले ग्रुप ने रिश्तों को सुधारने पर जोर दिया है। अबू धाबी में हुई इस बैठक को UAE सरकार ने होस्ट किया है, जिससे खाड़ी देशों की अहमियत भी इस मामले में बढ़ी है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.