रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बार फिर बड़ी भूमिका निभाई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मास्को में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद (MBZ) से मुलाकात की और उनकी मदद के लिए धन्यवाद दिया। UAE की कोशिशों से ही रूस और यूक्रेन के बीच बंदियों की अदला-बदली संभव हो पाई है, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिली है।

अब तक कितने लोगों की घर वापसी हुई?

आंकड़ों के मुताबिक, UAE की मध्यस्थता से अब तक कुल 17 सफल अभियान चलाए गए हैं। इन अभियानों के जरिए कुल 4,641 बंदियों को दोनों देशों की जेलों से आज़ाद कराया गया है। यह काम पूरी तरह से मानवीय आधार पर किया जा रहा है।

हाल ही में अगस्त 2025 में भी एक बड़ा एक्सचेंज हुआ था जिसमें 292 लोग अपने घर वापस लौटे थे। इसमें दोनों पक्षों से 146-146 लोगों को छोड़ा गया था। UAE इस मामले में तुर्की और सऊदी अरब से भी ज्यादा भरोसेमंद साथी बनकर उभरा है।

29 जनवरी को क्या हुआ नया घटनाक्रम?

ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को यूक्रेन को रूस की तरफ से 1,000 सैनिकों के शव वापस मिले हैं। यह जंग के बीच परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अबू धाबी अब शांति वार्ता का मुख्य केंद्र बन चुका है, जहां अमेरिका के प्रतिनिधि भी बातचीत के लिए पहुंच रहे हैं।

पुतिन ने बताया कि रूस और UAE के बीच व्यापार भी अब 10 बिलियन यूरो (लगभग 11.1 बिलियन डॉलर) तक पहुँच गया है। इसके अलावा UAE ने यूक्रेन को एम्बुलेंस और जनरेटर जैसी मदद भी भेजी है।

कैसे होती है यह पूरी प्रक्रिया?

बंदियों को छुड़ाने के लिए एक खास नियम का पालन होता है:

  • बराबरी का नियम: अक्सर ‘एक के बदले एक’ (1-for-1) के सिद्धांत पर दोनों देश राजी होते हैं।
  • बातचीत का तरीका: UAE के अधिकारी इसके लिए “शटल डिप्लोमेसी” का इस्तेमाल करते हैं।
  • अलग कमरे: रूस और यूक्रेन के लोग आमने-सामने नहीं बैठते, बल्कि अलग-अलग कमरों में रहते हैं और UAE के अधिकारी उनके बीच संदेश पहुंचाते हैं।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.