Russia-Ukraine War: यूक्रेन का बड़ा दावा, इस साल 745 वर्ग किमी क्षेत्र पर फिर हासिल किया नियंत्रण.

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे युद्ध के बीच यूक्रेन की सेना ने दक्षिण-पूर्वी मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बुधवार को एक बयान में कहा कि यूक्रेनी सेना ने इस साल अब तक रूसी कब्जे वाले करीब 745 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर दोबारा अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। उनके अनुसार, यह पूरा सैन्य अभियान पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से और पूरी सटीकता के साथ अंजाम दिया गया है, जिससे रूसी सेना को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा है।
26 बस्तियों को कराया गया मुक्त
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष सैन्य अभियान के दौरान द्निप्रोपेत्रोव्स्क, दोनेत्स्क और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में कुल 26 बस्तियों को सफलताપૂર્વক यूक्रेन के नियंत्रण में वापस लाया गया है। ये सभी इलाके करीब 60 किलोमीटर लंबे उस रणनीतिक मोर्चे पर स्थित हैं, जहां इन तीनों क्षेत्रों की सीमाएं एक-दूसरे से मिलती हैं। इस इलाके में लंबे समय से भीषण मुकाबला चल रहा था और अब यूक्रेनी सेना की मौजूदगी से स्थानीय स्तर पर हालात में बदलाव देखा जा रहा है।
अपने सोशल मीडिया संदेश में जेलेंस्की ने बताया कि इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में यूक्रेन की एयर-असॉल्ट फोर्स और अन्य प्रमुख सैन्य इकाइयों ने बहुत अहम भूमिका निभाई। यूक्रेनी सेना पिछले कुछ महीनों से लगातार रूसी सैन्य अभियानों पर दबाव बनाने के लिए मोर्चे के अलग-अलग हिस्सों में आक्रामक जवाबी कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही, रणनीतिक रूप से रूस की सैन्य रसद यानी सप्लाई लाइन और ऊर्जा ढांचे को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है ताकि उनकी ताकत कमजोर हो सके।
स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है
हालांकि इस पूरे मामले पर युद्धक्षेत्र की स्वतंत्र रूप से निगरानी करने वाले संगठन डीपस्टेट के मानचित्र के अनुसार, इस इलाके का एक बड़ा हिस्सा अब भी 'ग्रे जोन' के अंतर्गत आता है। इसका मतलब यह है कि वहां जमीन पर किसी भी एक पक्ष का पूर्ण नियंत्रण स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं हुआ है। इसके अलावा, मानचित्र में कुछ क्षेत्रों को अभी भी रूसी नियंत्रण के अधीन ही दिखाया गया है।
दूसरी ओर, यूक्रेन के जनरल स्टाफ की तरफ से एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें सैनिकों को कथित तौर पर मुक्त कराई गई बस्तियों में देश का राष्ट्रीय झंडा फहराते हुए साफ देखा जा सकता है। हालांकि, युद्ध की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इन तमाम दावों की किसी भी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय माध्यम से अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है। इस संघर्ष के कारण पूरी दुनिया में चिंता का माहौल है और हर कोई इस पर अपनी नजर बनाए हुए है।