रूस ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर गहरी चिंता जताई है और दोनों देशों से तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच की स्थिति को बातचीत और कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। रूस ने स्पष्ट किया है कि युद्ध को टालने के लिए राजनीतिक समाधान ही एकमात्र रास्ता है।

ℹ️: Indian Gas Tankers: हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकले दो भारतीय गैस जहाज, ईरान ने दी रास्ता बदलने की अनुमति

रूस की ओर से दी गई बड़ी चेतावनियां और शांति प्रस्ताव

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय ने चेतावनी दी है कि ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाना बेहद खतरनाक हो सकता है। रूस के अनुसार ऐसे हमलों के परिणाम कभी न सुधरने वाले हो सकते हैं। हाल ही में रूस ने अमेरिका को एक समझौता भी प्रस्तावित किया था जिसमें उसने यूक्रेन और ईरान से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा न करने की बात कही थी लेकिन वाशिंगटन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। रूस लगातार दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश कर रहा है ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।

इस पूरे मामले में किन देशों की क्या है भूमिका?

इस संघर्ष में कई बड़े देश शामिल हैं और सबकी अपनी अलग प्रतिक्रिया है। नीचे दी गई टेबल से आप समझ सकते हैं कि किस देश का क्या रुख है:

देश वर्तमान स्थिति और रुख
रूस तुरंत युद्ध विराम और राजनीतिक समाधान की वकालत कर रहा है।
अमेरिका ईरान के साथ सैन्य संघर्ष में लगा है और रक्षात्मक रुख अपनाए हुए है।
ईरान किसी भी तरह की बातचीत के लिए पहले अपनी शर्तें पूरी होने की मांग कर रहा है।
सऊदी अरब अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल हमले के लिए करने से मना कर चुका है।
चीन हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और शांति बनाए रखने पर जोर दे रहा है।

सऊदी अरब ने भी इस मामले में अपना पक्ष साफ रखा है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान ने उम्मीद जताई है कि बातचीत के जरिए इस संकट का समाधान निकलेगा। गौरतलब है कि सऊदी अरब पहले ही अमेरिका को सूचित कर चुका है कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य हमले के लिए अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं करने देगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.