ईरान के Bushehr न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हुए ताज़ा हमले के बाद रूस ने पूरी दुनिया को आगाह किया है। रूस का कहना है कि यह प्लांट अब भीषण खतरे के बहुत करीब है और किसी भी बड़ी चूक का असर सिर्फ ईरान ही नहीं बल्कि पूरे खाड़ी देशों पर पड़ सकता है। शनिवार को हुए इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) भी काफी चिंतित है और स्थिति पर नज़र रखे हुए है।

📰: America New Law: अमेरिका ने ईरान के करीबियों का रद्द किया ग्रीन कार्ड, सुलेमानी की भतीजी हुई गिरफ्तार

हमले में कितना नुकसान हुआ और मौजूदा स्थिति क्या है?

4 अप्रैल 2026 को हुए इस ताज़ा हमले में प्लांट की सुरक्षा में तैनात एक गार्ड की जान चली गई है। धमाके की वजह से प्लांट की एक बाहरी बिल्डिंग को मामूली नुकसान पहुँचा है लेकिन मुख्य हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है। IAEA ने साफ किया है कि फिलहाल वहां रेडिएशन यानी विकिरण का कोई खतरा नहीं बढ़ा है और प्लांट अब भी काम कर रहा है। यह हमला इस साल फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद इस प्लांट पर चौथा हमला बताया जा रहा है।

रूस और ईरान के अधिकारियों ने क्या कहा?

रूस की सरकारी कंपनी Rosatom पहले ही अपने गैर-ज़रूरी कर्मचारियों और बच्चों को वहां से निकाल चुकी है। रूस के राजदूत Mikhail Ulyanov ने चेतावनी दी है कि न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाने के नतीजे बहुत भयानक हो सकते हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने खाड़ी देशों को सावधान करते हुए कहा कि अगर प्लांट से रेडिएशन निकलता है, तो इसका असर केवल तेहरान पर नहीं बल्कि खाड़ी की अन्य राजधानियों पर भी होगा।

विवरण महत्वपूर्ण जानकारी
हमले की तारीख 4 अप्रैल 2026
हादसे में नुकसान 1 सुरक्षा गार्ड की मौत
प्लांट की स्थिति संचालित और सुरक्षित
रूस की भूमिका फ्यूल सप्लायर और बिल्डर
IAEA का रुख गहरी चिंता व्यक्त की