संयुक्त राष्ट्र में रूस के दूत वासिली नेबेंजिया ने अमेरिका और इसराइल को बहुत सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा है कि ये दोनों देश मिडिल ईस्ट में आग से खेलना बंद करें। रूस का आरोप है कि अमेरिका और इसराइल की कार्रवाइयों की वजह से क्षेत्र में हिंसा बढ़ रही है, जिसका सीधा असर ईरान और रूस के सहयोगी देशों पर पड़ रहा है। रूस ने मांग की है कि ईरान की जमीन पर हो रहे हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए ताकि हालात और न बिगड़ें।

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संयुक्त राष्ट्र में रूस ने किन बातों पर जताई चिंता?

रूस के दूत वासिली नेबेंजिया ने सुरक्षा परिषद की ब्रीफिंग के दौरान कहा कि मौजूदा विवाद अचानक पैदा नहीं हुआ है। उन्होंने इसे अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ की गई आक्रामकता का नतीजा बताया। रूस का मानना है कि वाशिंगटन और पश्चिम यरूशलेम को इस सैन्य रोमांच के गंभीर नतीजों के बारे में पता होना चाहिए था। रूस ने इस बात पर जोर दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए तैयार हैं। रूस ने सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की अपील की है।

मिडिल ईस्ट के तनाव पर दुनिया के अन्य बड़े देशों का क्या कहना है?

इस पूरे मामले में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया एक बड़े युद्ध के किनारे पर खड़ी है और इसे रोकने के लिए तुरंत गोलीबारी बंद होनी चाहिए। इस मुद्दे पर कई अन्य देशों और संगठनों ने भी अपनी राय रखी है:

  • UAE और रूस: 31 मार्च को UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फोन पर बात की और हिंसा खत्म करने की मांग की।
  • चीन और पाकिस्तान: इन दोनों देशों ने रूस की बात का समर्थन किया कि यह विवाद बिना किसी कारण के नहीं शुरू हुआ है।
  • खाड़ी सहयोग परिषद (GCC): सुरक्षा परिषद में GCC के साथ सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई ताकि क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके।
  • बहरीन: अप्रैल के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता बहरीन के पास है और उसने ही इस अहम बैठक का आयोजन किया था।

हालिया घटनाक्रम और मुख्य बयान की जानकारी

तारीख प्रमुख व्यक्ति/संस्था मुख्य अपडेट
2 अप्रैल, 2026 वासिली नेबेंजिया (रूस) अमेरिका और इसराइल को आग से न खेलने की चेतावनी दी
2 अप्रैल, 2026 एंटोनियो गुटेरेस (UN) दुनिया को बड़े युद्ध के खतरे से आगाह किया
31 मार्च, 2026 UAE राष्ट्रपति और पुतिन मिडिल ईस्ट में शांति और कूटनीतिक समाधान पर चर्चा की

रूस ने यह भी साफ़ किया है कि वे ईरान द्वारा अरब देशों के क्षेत्रों पर किए जाने वाले हमलों को रोकने के भी पक्ष में हैं ताकि तनाव को कम करने का पहला कदम उठाया जा सके। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि क्षेत्र में अस्थिरता का सीधा असर सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।