वियना में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक के बीच रूस ने अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों को सख्त चेतावनी दी है। रूस का कहना है कि ईरान के खिलाफ किसी भी तरह के दबाव वाले प्रस्ताव से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलेगा। वहीं ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा और पश्चिमी देश अपनी हरकतों से बाज आएं।

रूस और ईरान ने पश्चिमी देशों को क्या चेतावनी दी?

वियना में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए रूस के स्थायी प्रतिनिधि मिखाइल उल्यानोव (Mikhail Ulyanov) ने कहा कि पश्चिमी देश ईरान पर बेवजह दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईरान के खिलाफ प्रस्ताव लाने से कोई फायदा नहीं होने वाला है। रूस ने अमेरिका और इजरायल पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान पर उन हमलों का आरोप मढ़ा जा रहा है जिसका वह खुद शिकार रहा है।

ईरान के स्थायी मिशन ने भी साफ लहजे में कहा कि टकराव और दबाव बनाने वाले रवैये से कभी भी राजनयिक समाधान नहीं निकल सकता। ईरान ने बोर्ड के सदस्यों से अपील की कि वे परमाणु एजेंसी का इस्तेमाल उन देशों को बचाने के लिए न होने दें जिन्होंने ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमले किए हैं। ईरान ने कहा कि वह अपनी संसद द्वारा पारित कानून के तहत ही एजेंसी के साथ सहयोग जारी रखेगा।

अमेरिका और पश्चिमी देशों का क्या रुख है?

  • प्रस्ताव लाने की तैयारी: अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी मिलकर ईरान के खिलाफ एक नया प्रस्ताव लाने की कोशिश में जुटे हैं। इस प्रस्ताव में ईरान से परमाणु सामग्री के बारे में सटीक जानकारी देने की मांग की गई है।
  • अमेरिका की चिंता: अमेरिका का कहना है कि ईरान जरूरी घोषणाएं और रिपोर्ट्स साझा नहीं कर रहा है जिससे एजेंसी को जांच करने में बाधा आ रही है।
  • IAEA प्रमुख का बयान: एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रोसी (Rafael Grossi) ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत का संपर्क टूट गया है। उन्होंने मांग की कि जून 2025 में हुए हमलों के बाद से बंद पड़े ठिकानों पर फिर से जांच शुरू करने की इजाजत मिले।

परमाणु ठिकानों की निगरानी और यूरेनियम पर बढ़ा खतरा

जून 2025 में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए कथित हमलों के बाद से अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर जाने की अनुमति नहीं मिली है। इस वजह से एजेंसी के पास लगभग 440 किलोग्राम अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) की स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। हालांकि पिछले हफ्ते बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में जांच की कुछ गतिविधियां दोबारा शुरू की गई हैं, लेकिन बाकी जगहों पर अभी भी काम ठप पड़ा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रूस ने IAEA बैठक में पश्चिमी देशों को क्या चेतावनी दी?

रूस के प्रतिनिधि मिखाइल उल्यानोव ने कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी तरह का प्रस्ताव लाने से कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलेगा और पश्चिमी देशों को इस टकराव से बचना चाहिए।

ईरान और परमाणु एजेंसी के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

जून 2025 में हुए हमलों के बाद से ईरान ने कुछ ठिकानों पर एजेंसी को जांच की इजाजत नहीं दी है, जिससे 440 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम की सटीक जानकारी न मिलने पर एजेंसी ने चिंता जताई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.