मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव के बीच रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov और सऊदी अरब के विदेश मंत्री Faisal bin Farhan ने 10 मार्च 2026 को फोन पर बातचीत की है. दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने और युद्ध को तुरंत रोकने पर जोर दिया है. यह बातचीत अमेरिका और इजराइल की ईरान के खिलाफ हालिया कार्रवाई के बाद शुरू हुए विवाद को शांत करने के लिए की गई है.

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खाड़ी देशों को युद्ध से दूर रखने पर जोर

इस फोन कॉल में सबसे अहम मुद्दा खाड़ी देशों की सुरक्षा का रहा. सऊदी अरब और रूस दोनों ने स्पष्ट किया कि अरब देश इस विवाद का हिस्सा नहीं हैं और उन पर कोई जवाबी हमला नहीं होना चाहिए. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर इस विवाद को सुलझाना चाहिए ताकि मिडिल ईस्ट में हालात बेकाबू न हों. नागरिकों और वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. खाड़ी देशों में रहने वाले और काम करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए यह एक बड़ी बात है कि सऊदी अरब लगातार शांति की कोशिश कर रहा है.

कूटनीतिक तरीके से विवाद सुलझाने की अपील

रूस के विदेश मंत्रालय ने 11 मार्च को एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि दोनों देश इस मामले को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने के पक्ष में हैं. सऊदी अरब भी लगातार यह कोशिश कर रहा है कि वह अमेरिका, इजराइल और ईरान के इस तनाव से खुद को दूर रखे और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखे. वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है. अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने रूस को सख्त हिदायत दी है कि वह इस विवाद में दखल न दे. यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति और रूसी राष्ट्रपति के बीच हुई एक फोन कॉल के ठीक बाद आया है.