Global Oil Price Update: रूसी कच्चे तेल ने रोकी तेल की कीमतों की रफ्तार, Strait of Hormuz संकट के बीच दुनिया को मिली राहत

दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर काफी हलचल मची हुई है। Strait of Hormuz में चल रहे तनाव की वजह से तेल की सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है, जिससे मार्केट में कीमतें बहुत ऊपर जा सकती थीं। लेकिन ऐसे समय में रूसी कच्चे तेल ने एक ढाल का काम किया है और कीमतों को बहुत ज्यादा बढ़ने से रोक लिया है।

Strait of Hormuz में क्या तनाव है और इसका क्या असर हुआ?

Strait of Hormuz में हालात काफी खराब रहे हैं, जिसकी वजह से करीब 10 से 11 मिलियन बैरल तेल रोजाना मार्केट से बाहर हो गया है। अमेरिका द्वारा ईरानी कार्गो शिप को जब्त करने के बाद दोनों देशों के बीच युद्धविराम खत्म होने का डर बढ़ गया, जिससे 20 अप्रैल 2026 को तेल की कीमतें 5% से ज्यादा बढ़ गईं। इसी बीच IRGC ने कई टैंकरों पर हमले किए, जिससे शिपिंग कंपनियां काफी डरी हुई हैं। वहां ट्रैफिक लगभग बंद है और 12 घंटे में सिर्फ तीन जहाज ही गुजर पाए हैं।

रूसी तेल कैसे कीमतों को काबू में रख रहा है?

स्पार्टा कमोडिटीज की एक्सपर्ट जून गोह के मुताबिक, रूसी तेल मार्केट में एक छत की तरह काम कर रहा है। जब मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई रुकी, तब रूस से आने वाले तेल ने उस कमी को पूरा किया। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने भी विदेशी खरीदारों के लिए रूसी तेल खरीदने की छूट को मई के मध्य तक बढ़ा दिया है। अब भारत के साथ-साथ मलेशिया और फिलीपींस जैसे एशियाई देश भी अपनी जरूरतों के लिए रूस की तरफ देख रहे हैं ताकि तेल की कमी न हो।

भारत पर इसका क्या असर पड़ा और सरकार ने क्या कदम उठाए?

भारत ने इस संकट से निपटने के लिए रूस से आने वाले तेल और बीमा कंपनियों को ज्यादा छूट दी है। अप्रैल महीने में भारत ने करीब 1.6 मिलियन बैरल रूसी तेल हर दिन मंगाया है, जिससे देश में सप्लाई स्थिर रही है। हालांकि, LPG और LNG की सप्लाई में अभी भी दिक्कतें हैं क्योंकि कई टैंकर Strait of Hormuz के पास फंसे हुए हैं। इसी बीच भारतीय जहाज ‘Jag Arnav’ पर हमला होने के बाद भारत सरकार ने ईरान के राजदूत को बुलाकर गहरी चिंता जताई है।

मुख्य जानकारी विवरण
तेल कीमतों में उछाल 20 अप्रैल 2026 को 5% से ज्यादा की बढ़त
सप्लाई की कमी 10-11 मिलियन बैरल प्रतिदिन बंद
भारत का आयात करीब 1.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन (रूस से)
अमेरिकी छूट (Waiver) मई के मध्य तक बढ़ाया गया
प्रभावित भारतीय जहाज Jag Arnav (IRGC द्वारा टारगेट किया गया)
शिपिंग स्थिति Strait of Hormuz में ट्रैफिक लगभग बंद
भविष्य का अनुमान नॉर्मल होने में 3 से 4 महीने का समय लगेगा