जापान में सोमवार को रूस से आने वाला तेल का पहला टैंकर पहुंचने की उम्मीद है। मिडिल ईस्ट में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होने के बाद यह पहला मौका है जब रूसी कच्चा तेल जापान पहुँच रहा है। जापान की Taiyo Oil कंपनी ने इस तेल को मंगवाया है जो वहां की रिफाइनरी में पहुंचाया जाएगा।

रूस से तेल लाने वाला जहाज और उसकी मंजिल क्या है?

ओमान के झंडे वाला टैंकर Voyager अप्रैल के आखिर में रूस के साखालिन (Sakhalin) से निकला था। यह जहाज रूस के सुदूर पूर्व में स्थित Sakhalin-2 ऑयल और गैस प्रोजेक्ट से कच्चा तेल लेकर आ रहा है। इस तेल को जापान के एहिमे प्रान्त (Ehime Prefecture) में स्थित Taiyo Oil की रिफाइनरी में उतारा जाएगा। जापान के उद्योग मंत्रालय और अन्य सरकारी स्रोतों ने इसकी पुष्टि की है।

क्या रूस के इस तेल पर कोई पाबंदी नहीं है?

रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण कई पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन Sakhalin-2 प्रोजेक्ट को इससे छूट मिली हुई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के OFAC ने इस प्रोजेक्ट से जापान को तेल निर्यात करने की छूट 18 जून 2026 तक बढ़ा दी है। वहीं यूरोपीय संघ ने भी ऊर्जा सुरक्षा का हवाला देते हुए 28 जून 2026 तक इस तेल पर लगे प्राइस कैप से छूट दी है। जापान के METI मंत्रालय के कहने पर Taiyo Oil ने यह तेल खरीदा है।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्या स्थिति है और अमेरिका ने क्या कहा?

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई ने 30 अप्रैल 2026 को कहा था कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग अब नए नियमों के तहत चलेगी और इसका नियंत्रण ईरान के पास होगा। इस वजह से वहां जहाजों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। इसी बीच 3 मई 2026 को अमेरिकी ट्रेजरी ने चेतावनी जारी की कि अगर कोई भी व्यक्ति या कंपनी सुरक्षित रास्ता पाने के लिए ईरान को ‘टोल’ या पैसा देती है, तो वह अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन माना जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जापान में रूस का कौन सा तेल आ रहा है और कौन सी कंपनी इसे ले रही है?

जापान में रूस के Sakhalin-2 प्रोजेक्ट से कच्चा तेल आ रहा है जिसे Taiyo Oil कंपनी ने जापान के उद्योग मंत्रालय (METI) के अनुरोध पर मंगवाया है।

अमेरिका ने ईरान और शिपिंग रूट को लेकर क्या चेतावनी दी है?

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने के लिए ईरान को किसी भी तरह का टोल या भुगतान करने वाली कंपनी या व्यक्ति पर अमेरिकी प्रतिबंध लग सकते हैं।