ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद दुनिया भर में हलचल मची हुई है। इस बीच रूस के एक रूढ़िवादी पादरी ने दावा किया है कि अयातुल्ला खामेनेई की शहादत ने ईरान को पहले से ज्यादा ताकतवर बना दिया है। यह बात IRNA न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट में सामने आई है।

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अयातुल्ला खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को एक एयरस्ट्राइक में हुई थी। इस हमले के बाद ही अमेरिका और इसराइल के साथ ईरान का टकराव शुरू हुआ था। हाल ही में 3 से 5 जुलाई 2026 के बीच तेहरान और अन्य शहरों में उनके अंतिम संस्कार की रस्में निभाई गईं, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी।

5 जुलाई को IRNA की इंग्लिश सर्विस ने रूसी पादरी का बयान छापा। उन्होंने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई की हत्या ने ईरान को कमजोर करने के बजाय और मजबूत कर दिया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ईरान ने अयातुल्ला खामेनेई के नेतृत्व में पश्चिम के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की।

रूस की ओर से केवल पादरी ही नहीं, बल्कि अन्य लोग भी इस दुख में शामिल हुए। मॉस्को और ऑल रस के पैट्रिआर्क किरिल ने 1 मार्च 2026 को इस घटना पर दुख जताया था। इसके अलावा, 3 जुलाई को रूसी इस्लामिक विद्वानों का एक समूह भी अंतिम संस्कार में शामिल होने तेहरान पहुंचा था।

वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने 4 जुलाई को एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि अयातुल्ला खामेनेई की शहादत एक दुखद लेकिन प्रेरणादायक क्षति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे नेताओं के संदेश उनकी मौत के बाद खत्म नहीं होते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को रास्ता दिखाते हैं। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि इस दुखद घड़ी में मुस्लिम दुनिया एकजुट होगी और दुनिया के ताकतवर देशों की हिंसा और आतंकवाद वाली नीतियों का मिलकर सामना करेगी।