अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग को रोकने के लिए एक बड़ा समझौता हुआ है। इस बीच रूस ने अमेरिका के पुराने हमलों पर तंज कसा है। एक रूसी सीनेटर ने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर हमला करके अब तक की सबसे बड़ी और मूर्खतापूर्ण गलती की है।

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फ्रांस में हुआ शांति समझौता

17 जून 2026 को फ्रांस के Palace of Versailles में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masud Pezeshkian ने एक समझौते (MOU) पर दस्तखत किए। इस पूरी डील को कराने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने अहम भूमिका निभाई। यह समझौता उस युद्ध को खत्म करने के लिए किया गया है जो 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था।

समझौते की मुख्य बातें

  • दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्ध रुक जाएगा (ceasefire)।
  • Strait of Hormuz को तुरंत दोबारा खोल दिया जाएगा।
  • ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम और यूरेनियम के स्टॉक को IAEA की निगरानी में कम करेगा।
  • अमेरिका ने ईरान पर लगे तेल के प्रतिबंधों को तुरंत हटाने का वादा किया है।
  • ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर का फंड दिया जाएगा, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान परमाणु डील के नियमों को कितना मानता है।

बड़े नेताओं ने क्या कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह समझौता शांति का रास्ता खोलेगा। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि यह डील अभी फाइनल नहीं है और अगर ईरान ने ठीक से व्यवहार नहीं किया तो वह फिर से बम गिराना शुरू कर देंगे। दूसरी तरफ, ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने इसे अमेरिका की हार बताया और कहा कि ईरान ने बातचीत के जरिए अपने मकसद हासिल कर लिए हैं।

रूस और अमेरिका के अंदर विरोध

रूस के विदेश मंत्री Sergei Lavrov और अन्य अधिकारियों ने पहले भी अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की थी। अब एक रूसी सीनेटर ने इसे अमेरिका की सबसे बड़ी बेवकूफी करार दिया है। वहीं, अमेरिका के अंदर भी इस डील का विरोध हो रहा है। रिपब्लिकन सीनेटर Bill Cassidy ने इसे पिछले कई दशकों की सबसे बड़ी विदेश नीति की गलती बताया है। CIA डायरेक्टर John Ratcliffe और डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth जैसे बड़े अधिकारियों ने भी इस बात पर शक जताया है कि ईरान वाकई परमाणु रियायतें देगा या नहीं।

लेबनान के हिजबुल्लाह नेता Naim Qassem ने इस समझौते को ईरान की एक बड़ी जीत बताया है।