रूस की सरकारी परमाणु कंपनी Rosatom ने ऐलान किया है कि उसके कर्मचारी जल्द ही ईरान के Bushehr परमाणु प्लांट में वापस लौटेंगे। यह खबर ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इसराइल के हमलों की वजह से वहां काम रुका हुआ था। अब आने वाले कुछ हफ्तों में प्लांट में फिर से काम की रफ़्तार बढ़ेगी।

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रूसी कर्मचारी वापस क्यों लौट रहे हैं?

Rosatom के डायरेक्टर जनरल Alexey Likhachev ने भरोसा जताया है कि कंपनी अपने वर्कफोर्स को वापस लाएगी और प्लांट में निर्माण कार्य को बढ़ाएगी। रूस के विदेश मंत्री Sergei Lavrov ने भी 19 मई 2026 को साफ किया कि Bushehr प्रोजेक्ट पर काम जारी है और कर्मचारी वापस आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बमबारी के दौरान सुरक्षा के लिए कर्मचारियों को पड़ोसी देशों में भेज दिया गया था।

प्लांट की मौजूदा हालत क्या है?

  • यूनिट 1: यह यूनिट अभी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है।
  • यूनिट 2 और 3: इन दोनों यूनिट्स पर अभी निर्माण कार्य चल रहा है।
  • ताजा अपडेट: यूनिट 2 में कंक्रीटिंग और मजबूती देने का काम फिर से शुरू हो गया है।

रूस के विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि बसुहर परमाणु प्लांट पर कभी कोई प्रतिबंध नहीं लगा और यह 2015 के ईरान परमाणु समझौते के दायरे से बाहर था। इसका संचालन सिर्फ रूस और ईरान के बीच का मामला है।

कर्मचारियों को क्यों हटाना पड़ा था?

फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका और इसराइल ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था। इस लड़ाई के दौरान बसुहर प्लांट के आसपास कम से कम चार बार हमले हुए थे। इन हमलों की वजह से खतरा बढ़ गया था, जिसके बाद रूस ने अपने सैकड़ों कर्मचारियों को वहां से हटा लिया था। इन लोगों को आर्मेनिया के रास्ते बाहर निकाला गया था। अब सैन्य हालात साफ होने पर कर्मचारियों की वापसी की योजना बनाई जा रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बसुहर परमाणु प्लांट पर क्या अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लागू हैं?

नहीं, रूसी विदेश मंत्री Sergei Lavrov ने पुष्टि की है कि यह प्लांट किसी भी प्रतिबंध के दायरे में नहीं है और यह 2015 के परमाणु समझौते से बाहर था।

रूसी कर्मचारी ईरान से क्यों बाहर गए थे?

फरवरी 2026 में अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और प्लांट के पास हुई बमबारी के कारण सुरक्षा कारणों से कर्मचारियों को हटाया गया था।