भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने खाड़ी देशों का अपना महत्वपूर्ण राजनयिक दौरा शुरू कर दिया है। इस मिशन के तहत वह 5 जुलाई 2026 को ओमान पहुंचे। यह दौरा भारत और खाड़ी देशों के बीच आपसी रिश्तों को और बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी दी है कि डॉ जयशंकर 5 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक कुल चार देशों की यात्रा करेंगे। इस दौरे में ओमान के अलावा कतर, बहरीन और कुवैत भी शामिल हैं। इन देशों की यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय मामलों पर चर्चा करना है।
ओमान में अपने प्रवास के दौरान विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर वहां के विदेश मंत्री और सरकार के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकें करेंगे। इन मुलाकातों में दोनों देशों के बीच आपसी हितों के मुद्दों और क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर बातचीत होगी।
अगर पुराने समझौतों की बात करें तो दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान का दौरा किया था। उस समय दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे, जिनमें मुख्य रूप से ये शामिल थे:
- व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA)
- समुद्री विरासत और संग्रहालयों पर समझौता
- उच्च शिक्षा, रिसर्च और कौशल विकास पर समझौता
- खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों पर समझौता
- संयुक्त समुद्री विज़न दस्तावेज़
- मिलेट्स की खेती और एग्री-फूड इनोवेशन पर प्रोग्राम
यह दौरा उन भारतीय प्रवासियों के लिए भी अहम है जो खाड़ी देशों में रह रहे हैं, क्योंकि देशों के बीच बेहतर संबंध वहां रहने वाले भारतीयों के लिए सुविधाओं और सहयोग के नए रास्ते खोलते हैं।
