भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ किया कि भारत इस क्षेत्र के रिश्तों को किसी फायदे-नुकसान के नजरिए से नहीं देखता। भारत के लिए इस पूरे इलाके में शांति, स्थिरता, वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और सुरक्षित समुद्री व्यापारिक मार्ग सबसे ज्यादा जरूरी हैं।

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खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा भारत के लिए क्यों है अहम?

विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि खाड़ी देशों में लाखों की संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। ऐसे में वहां की शांति और स्थिरता सीधे तौर पर भारतीय प्रवासियों की भलाई से जुड़ी हुई है। भारत सरकार की प्राथमिकता हमेशा से अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग जैसे कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और लाल सागर (Red Sea) के जरिए होने वाले व्यापार को बिना किसी बाधा के चालू रखना भी बेहद जरूरी है, ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजार और ईंधन की कीमतों पर बुरा असर न पड़े।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बयान और ईरान की प्रतिक्रिया

24 मई 2026 को हुई इस बैठक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कुछ अहम संकेत दिए। उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका-ईरान शांति वार्ताओं को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति होने की बात कही। हालांकि, भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने मार्को रुबियो के इन बयानों का कड़ा विरोध किया है। ईरानी दूतावास ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह क्षेत्र की वास्तविकताओं को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा है और अपनी नीतियों से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

BRICS बैठक में भी जयशंकर ने उठाई थी सुरक्षित व्यापार की मांग

इससे पहले 14 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी एस जयशंकर ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा था कि शांति टुकड़ों में नहीं मिल सकती और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना सभी देशों के लिए जरूरी है। उन्होंने यह भी चेताया था कि समुद्री यातायात में रुकावट आने से विकासशील देशों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है, क्योंकि इससे ऊर्जा और ईंधन की कीमतें बढ़ जाती हैं जिससे आम जनता पर बोझ पड़ता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत के लिए पश्चिम एशिया में सबसे बड़ी प्राथमिकताएं क्या हैं?

विदेश मंत्री एस जयशंकर के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में शांति, स्थिरता बनाए रखना, वहां रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित रखना भारत की मुख्य प्राथमिकताएं हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान पर ईरान की क्या प्रतिक्रिया रही?

अमेरिकी विदेश मंत्री द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका-ईरान वार्ताओं में प्रगति की बात कहे जाने पर ईरानी दूतावास ने इसका कड़ा विरोध किया और अमेरिका पर क्षेत्रीय वास्तविकताओं को छिपाने का आरोप लगाया।