SafePal Data Breach: क्रिप्टो वॉलेट प्राइवेडर से बड़ा डेटा लीक, लगभग 40,000 यूजर्स की निजी जानकारी हुई सार्वजनिक.

क्रिप्टोकरेंसी इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर सामने आई है। मशहूर क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट प्राइवेडर SafePal ने हाल ही में एक बड़े डेटा उल्लंघन की पुष्टि की है। कंपनी के ऑर्डर-ट्रैकिंग प्लगइन में एक सुरक्षा खामी यानी ऑथराइजेशन वल्नेरैबिलिटी पाई गई थी, जिसकी वजह से लगभग 40,000 ग्राहकों का निजी डेटा सुरक्षित नहीं रह पाया। इस घटना का खुलासा कंपनी की तरफ से 16 अगस्त 2026 को किया गया था, जिससे दुनिया भर के क्रिप्टो यूजर्स के बीच चिंता बढ़ गई है।
कस्टमर्स का कौन सा डेटा हुआ लीक
इस सुरक्षा चूक के कारण कुल 39,798 ग्राहकों के ऑर्डर से जुड़े निजी विवरण unauthorized तरीके से एक्सेस कर लिए गए। प्रभावित होने वाले डेटा में ग्राहकों के नाम, शिपिंग पते, ईमेल आईडी, फोन नंबर और विशेष खरीदारी का विवरण शामिल है। यह सारा डेटा उन ऑर्डर से जुड़ा हुआ है जो 2 मार्च 2025 से लेकर 11 अप्रैल 2026 के बीच दिए गए थे। कंपनी ने हालांकि यह साफ किया है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की संवेदनशील वित्तीय सुरक्षा संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है। यूजर्स के प्राइवेट की, सीड फ्रेज, बैंक खाते की जानकारी या सरकारी पहचान पत्र पूरी तरह सुरक्षित रहे और उन तक किसी की पहुंच नहीं हुई।
कंपनी ने उठाए कौन से कड़े कदम
इस बड़ी घटना के सामने आने के बाद SafePal ने तुरंत एक्शन लिया और उस सुरक्षा खामी को ठीक कर दिया। कंपनी ने अपने ऑर्डर-प्रोसेसिंग पाइपलाइन का एक व्यापक ऑडिट भी शुरू कर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी गड़बड़ी से बचा जा सके। इसके अलावा, डेटा को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के नियमों में बदलाव करते हुए डेटा रिटेंशन की सीमा को घटाकर 90 दिन कर दिया गया है। कंपनी ने अपनी सतर्कता दिखाते हुए चोरी किए गए डेटा से जुड़े 30 से अधिक फर्जी यानी फ्रॉड वेबसाइटों की पहचान की और उन्हें पूरी तरह बंद कर दिया। इन नकली वेबसाइटों का इस्तेमाल लोगों के साथ टारगेटेड फिशिंग और धोखाधड़ी करने के लिए किया जा रहा था।
यूजर्स के लिए चेतावनी और सरकारी दिशा-निर्देश
प्रभावित होने वाले सभी ग्राहकों को 16 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से इस घटना की सूचना दे दी गई थी। ग्राहकों की सुविधा के लिए कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर एक वेरिफिकेशन टूल भी उपलब्ध कराया गया है, जिसकी मदद से कोई भी यूजर यह चेक कर सकता है कि उसका डेटा लीक हुआ है या नहीं। क्षेत्रीय सुरक्षा और डेटा संरक्षण के नियमों का पालन करते हुए इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है, जिसकी जानकारी legal regulatory framework के तहत दी गई है। जांच अभी चल रही है और इस दौरान ग्राहकों को यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी संदिग्ध संदेश, रिफंड के फर्जी वादों या नकली फर्मवेयर अपडेट्स से पूरी तरह सावधान रहें ताकि किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके।