दाऊद इब्राहिम के करीबी और ड्रग्स के बड़े कारोबारी Salim Dola को तुर्की के इस्तांबुल से गिरफ्तार कर भारत लाया गया है. 28 अप्रैल 2026 को वह स्पेशल विमान से दिल्ली पहुँचा, जहाँ उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया. International Police Interpol और भारतीय एजेंसियों की बड़ी मेहनत से यह कामयाबी मिली है.

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सलीम डोला को तुर्की में कैसे पकड़ा गया?

Interpol ने Salim Dola के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, जिसकी मांग CBI ने की थी. तुर्की की नेशनल इंटेलिजेंस संस्था और स्थानीय पुलिस ने इस्तांबुल के Beylikduzu इलाके में एक सटीक रेड मारकर उसे पकड़ा. जांच में पता चला कि वह अपनी पहचान छिपाने के लिए UAE के फर्जी कागजात का इस्तेमाल कर रहा था ताकि कानून की नजरों से बच सके.

अब सलीम डोला पर क्या कानूनी कार्रवाई होगी?

भारत पहुँचने के बाद उसे केंद्रीय खुफिया अधिकारियों ने कड़ी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है. उस पर NDPS एक्ट के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं. इस कानून के मुताबिक उसे कम से कम 10 साल की कठोर जेल और कम से कम 1 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा. मामला गंभीर होने पर यह सजा 20 साल तक बढ़ सकती है. अब मुंबई पुलिस का एंटी-नारकोटिक्स सेल उससे पूछताछ कर ड्रग्स सिंडिकेट के नेटवर्क को खत्म करेगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सलीम डोला कौन है और उसका संबंध किससे है?

सलीम डोला एक ड्रग किंगपिन है और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के डी-कंपनी गिरोह का करीबी सदस्य है.

तुर्की और भारत के बीच कोई संधि न होने पर उसे कैसे लाया गया?

भारत और तुर्की के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है, लेकिन Interpol के रेड कॉर्नर नोटिस और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मदद से उसे भारत लाया गया.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.