सोमवार, 13 जुलाई 2026 को यमन की राजधानी Sanaa स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई हमले हुए। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले के बाद हूती समर्थित Al-Masirah TV ने दावा किया कि सऊदी अरब ने एयरपोर्ट के रनवे को निशाना बनाया है, जिसके बाद लोगों को वहां से हटने की सलाह दी गई। इस घटना के दौरान स्थानीय निवासियों ने भी एयरपोर्ट के आसपास कई धमाकों की आवाजें सुनीं।
हमले की जिम्मेदारी पर विवाद
इस हमले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। यमन के रक्षा मंत्रालय ने जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने एक ईरानी विमान को उतरने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की, जिसमें हूती प्रतिनिधि सवार थे। रक्षा मंत्री Taher Al-Aqili ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यमन के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाले किसी भी विमान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता Brig. Gen. Yahya Saree ने सऊदी अरब पर आरोप लगाया और इसे शांति प्रयासों का अंत बताया।
पुराना तनाव और UN की भूमिका
यह घटना साल 2016 से जारी हवाई प्रतिबंधों के बीच हुई है, जो सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा लगाए गए थे। गठबंधन का कहना है कि ये प्रतिबंध हूती गुटों तक ईरानी हथियारों को पहुंचने से रोकने के लिए जरूरी हैं। इससे पहले 3 जुलाई को एक ईरानी नागरिक विमान ने Sanaa में लैंडिंग की थी, जो एक दशक में पहली ऐसी आधिकारिक घटना थी। अब इस पूरे मामले पर यमन सरकार की शिकायत के बाद United Nations Security Council में एक ब्रीफिंग आयोजित की जा रही है।
