सऊदी अरब की बड़ी SATORP रिफाइनरी एक बार फिर से चालू हो गई है। पिछले दिनों हुए हमलों की वजह से इसे सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा था। TotalEnergies ने इसकी पुष्टि की है कि अब रिफाइनरी का काम दोबारा शुरू हो गया है और उत्पादन फिर से पटरी पर लौट आया है।
SATORP रिफाइनरी पर हमला कब और कैसे हुआ?
7 और 8 अप्रैल 2026 की रात को SATORP रिफाइनरी पर हमले हुए थे। इन हमलों में रिफाइनरी की दो प्रोसेसिंग ट्रेनों में से एक को नुकसान पहुंचा था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने प्लांट को बंद करने का फैसला किया था। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने भी पुष्टि की कि तेल और गैस साइटों पर हुए इन हमलों से उत्पादन के काम में रुकावट आई थी। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई।
रिफाइनरी अब कितनी क्षमता के साथ काम कर रही है?
TotalEnergies के मुताबिक, जिन यूनिट्स को नुकसान नहीं हुआ था, उन्हें फिर से चालू कर दिया गया है। 14 अप्रैल 2026 से यह रिफाइनरी दोबारा काम करने लगी है। फिलहाल यह प्लांट 230,000 बैरल प्रतिदिन की क्षमता पर काम कर रहा है।
- SATORP रिफाइनरी: Saudi Aramco और TotalEnergies की साझा साझेदारी।
- Saudi Aramco की हिस्सेदारी: 62.5%
- TotalEnergies की हिस्सेदारी: 37.5% (यह कंपनी ऑपरेटर भी है)।
Frequently Asked Questions (FAQs)
SATORP रिफाइनरी किन कंपनियों का जॉइंट वेंचर है?
SATORP रिफाइनरी Saudi Aramco और TotalEnergies के बीच एक संयुक्त उद्यम है, जिसमें अरामको की हिस्सेदारी 62.5% और TotalEnergies की 37.5% है।
हमले के बाद रिफाइनरी को दोबारा शुरू होने में कितना समय लगा?
हमले 7-8 अप्रैल 2026 की रात को हुए थे और रिफाइनरी को 14 अप्रैल 2026 से दोबारा चालू कर दिया गया।