सऊदी अरब के जुबैल में स्थित SATORP रिफाइनरी में एक बार फिर काम शुरू हो गया है. टोटलएनर्जीज ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को इसकी पुष्टि की. दरअसल, इस रिफाइनरी को कुछ समय पहले सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा था क्योंकि यहाँ कुछ हमलों में नुकसान हुआ था. अब धीरे-धीरे यहाँ उत्पादन फिर से पटरी पर लौट रहा है.
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रिफाइनरी में क्या हुआ और काम कब शुरू हुआ?
अप्रैल के पहले हफ्ते में, यानी 7 और 8 तारीख को इस रिफाइनरी पर हमले हुए थे. इस वजह से तीन प्रोडक्शन यूनिट्स को नुकसान पहुँचा था. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरी रिफाइनरी को बंद कर दिया गया था. हालांकि, जिन हिस्सों में कोई नुकसान नहीं हुआ था, उन्होंने 14 अप्रैल 2026 से ही काम शुरू कर दिया था. कंपनी ने साफ किया कि रिफाइनरी को पूरी तरह बंद करना सिर्फ सुरक्षा के लिए लिया गया एक फैसला था.
अब कितना तेल बन रहा है और क्या है नुकसान?
टोटलएनर्जीज के मुताबिक, अब रिफाइनरी में रोजाना 230,000 बैरल तेल का उत्पादन हो रहा है. सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों की वजह से पूरे राज्य की तेल उत्पादन क्षमता करीब 600,000 बैरल प्रतिदिन कम हो गई थी. अच्छी बात यह है कि इन हादसों में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं आई है.
रिफाइनरी और कंपनी से जुड़े मुख्य आंकड़े नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| वर्तमान उत्पादन क्षमता | 230,000 बैरल प्रतिदिन |
| सऊदी अरब की उत्पादन क्षमता में कमी | 600,000 बैरल प्रतिदिन |
| टोटलएनर्जीज की हिस्सेदारी | 37.5% |
| सऊदी अरामको की हिस्सेदारी | 62.5% |
| मिडिल ईस्ट उत्पादन पर असर | 15% |
| कैश फ्लो पर असर | 10% |
कंपनी ने यह भी बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से उन्हें हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई करने में मदद मिली है. अब कंपनी का ध्यान मिडिल ईस्ट के बाहर अन्य क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने पर होगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
SATORP रिफाइनरी क्यों बंद हुई थी?
8 अप्रैल 2026 को हुए हमलों में तीन प्रोडक्शन यूनिट्स को नुकसान पहुँचा था, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से पूरी रिफाइनरी को बंद कर दिया गया था.
इस रिफाइनरी का मालिकाना हक किसके पास है?
इस रिफाइनरी को सऊदी अरामको और टोटलएनर्जीज मिलकर चलाते हैं, जिसमें सऊदी अरामको की 62.5% और टोटलएनर्जीज की 37.5% हिस्सेदारी है.