सऊदी अरब के सभी एयरपोर्ट्स ने पर्यावरण की सुरक्षा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। अब देश के तमाम एयरपोर्ट्स को National Center for Environmental Compliance (NCEC) से ऑपरेटिंग परमिट मिल गया है। यह कदम सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया है।
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सऊदी एयरपोर्ट्स को पर्यावरण की मंजूरी क्यों मिली?
General Authority of Civil Aviation (GACA) की निगरानी में सभी सऊदी एयरपोर्ट्स ने पर्यावरण से जुड़े सभी कड़े मानकों को पूरा किया है। NCEC ने इन एयरपोर्ट्स को ऑपरेटिंग परमिट जारी किए हैं ताकि पर्यावरण पर पड़ने वाले बुरे असर को कम किया जा सके। इससे हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा और एयरपोर्ट्स का कामकाज और भी बेहतर तरीके से चलेगा। अब सभी एयरपोर्ट्स को समय-समय पर अपनी रिपोर्ट देनी होगी और सरकारी जांच से गुजरना होगा।
दुनिया में सऊदी एयरपोर्ट्स का क्या स्थान है?
सऊदी अरब के एयरपोर्ट्स अब कार्बन उत्सर्जन कम करने में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो गए हैं। साल 2025 के अंत तक 28 सऊदी एयरपोर्ट्स को Airport Carbon Accreditation (ACA) सर्टिफिकेट मिल चुके हैं। इस मामले में सऊदी अरब मध्य पूर्व (Middle East) में पहले नंबर पर और एशिया में दूसरे नंबर पर है। GACA के Environmental Sustainability Program (CAESP) के जरिए कार्बन उत्सर्जन को कम करने और हवा को साफ रखने पर जोर दिया जा रहा है।
देश में पर्यावरण नियमों का पालन करने वाली संस्थाओं में बढ़ोतरी
सिर्फ एयरपोर्ट्स ही नहीं, बल्कि पूरे सऊदी अरब में पर्यावरण नियमों का पालन करने वाली कंपनियों की संख्या में 32% की बढ़ोतरी हुई है। अब देश के सभी क्षेत्रों में ऐसे 55,000 से ज्यादा संस्थान हैं जो पर्यावरण मानकों को मान रहे हैं। इसमें Matarat Holding और उसकी सहयोगी कंपनियां जैसे रियाद, जेद्दा और दम्माम एयरपोर्ट्स कंपनी भी शामिल हैं जो कार्बन लेवल को कम करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी एयरपोर्ट्स को कौन सा सर्टिफिकेट मिला है?
सऊदी एयरपोर्ट्स को NCEC से पर्यावरण ऑपरेटिंग परमिट मिले हैं और 28 एयरपोर्ट्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का Airport Carbon Accreditation (ACA) सर्टिफिकेट मिला है।
इस कदम का पर्यावरण पर क्या असर होगा?
इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा, हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा और एयरपोर्ट्स पर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित होगी।