यमन में शांति लाने और वहां के हालात सुधारने के लिए सऊदी अरब और संयुक्त राष्ट्र (UN) एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। सऊदी राजदूत Mohammed Saeed Al-Jaber और UN स्पेशल एनवॉय Hans Grundberg के बीच 10 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यमन के संकट को खत्म करना और वहां आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाना था।

मीटिंग में किन मुख्य मुद्दों पर बात हुई?

इस मुलाकात से ठीक पहले Hans Grundberg ने अदन का दौरा किया था, जहां उन्होंने यमन सरकार के प्रधानमंत्री Shaya Zindani और अन्य बड़े नेताओं से मुलाकात की। बैठक के दौरान क्षेत्रीय तनाव का यमन पर पड़ने वाले असर और राजनीतिक समाधान के रास्तों पर चर्चा हुई। साथ ही, युद्धबंद की स्थिति और कैद किए गए लोगों की रिहाई जैसे जरूरी मुद्दों को भी प्राथमिकता दी गई।

अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुधारों पर क्या रहा जोर?

बैठक में यमन की आर्थिक हालत सुधारने के लिए 2026 के बजट और वित्तीय स्थिरता पर बात की गई। अधिकारियों ने तेल उत्पादन और निर्यात को दोबारा शुरू करने पर जोर दिया ताकि देश की कमाई बढ़ सके। इसके अलावा, सरकारी फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सामाजिक व कानूनी सुरक्षा देने के विषय पर भी गहन चर्चा हुई।

सऊदी अरब और UN के पुराने प्रयास

सऊदी अरब और UN के बीच इस तरह की मुलाकातें पहले भी अगस्त 2024 और सितंबर 2023 में हो चुकी हैं। इन सभी बैठकों का मकसद यमन में एक व्यापक राजनीतिक समाधान निकालना और मानवीय सहायता पहुंचाना रहा है। सऊदी अरब लगातार यमन के विकास और पुनर्निर्माण के लिए SDRPY प्रोग्राम के जरिए काम कर रहा है ताकि वहां शांति कायम हो सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.