28 मई 2026 को साइप्रस के लीमासोल (Limassol) में यूरोपीय संघ (EU) के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला अल साउद (Faisal Bin Farhan Bin Abdullah Al Saud) और भारतीय विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर (Subrahmanyam Jaishankar) ने भी हिस्सा लिया। बैठक के दौरान वैश्विक सुरक्षा, मिडिल ईस्ट के हालात और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर बातचीत हुई?
इस अनौपचारिक बैठक में मंत्रियों ने वैश्विक व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई अहम मामलों पर अपने विचार साझा किए। बैठक में मुख्य रूप से इन विषयों पर चर्चा की गई:
- हॉरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्वतंत्रता को बहाल करने के लिए साझा समाधान खोजने पर बात हुई, क्योंकि इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है।
- यूक्रेन संकट: यूक्रेन की वर्तमान स्थिति और रूस के साथ यूरोपीय संघ के संबंधों को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। यूक्रेन के विदेश मंत्री अंद्री सिबिहा (Andrii Sybiha) भी मुख्य बैठक से एक दिन पहले आयोजित डिनर में शामिल हुए थे।
- यूरोपीय सुरक्षा रणनीति: भविष्य के लिए यूरोपीय सुरक्षा रणनीति के ढांचे पर बातचीत की गई।
- संभावित प्रतिबंध: इजरायली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन ग्विर (Ben Gvir) पर यूरोपीय संघ के स्तर पर संभावित प्रतिबंध लगाने की संभावना पर भी मंत्रियों ने चर्चा की।
डिप्लोमेसी और बातचीत पर दिया गया जोर
बैठक के दौरान फिनलैंड की विदेश मंत्री एलीना वाल्टोनेन (Elina Valtonen) ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी वैश्विक समस्या का स्थायी समाधान केवल कूटनीति, बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के जरिए ही निकाला जा सकता है। इस बैठक में इतालवी विदेश मंत्रालय और अन्य यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की यह बैठक कब और कहां हुई?
यह बैठक गुरुवार, 28 मई 2026 को साइप्रस के लीमासोल (Limassol) शहर में आयोजित की गई थी।
इस बैठक में किन प्रमुख देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया?
इस बैठक में सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और फिनलैंड की विदेश मंत्री एलीना वाल्टोनेन समेत यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के मंत्रियों ने हिस्सा लिया।