सऊदी अरब के वित्त मंत्रालय ने साल 2025 के बजट के असली आंकड़े जारी कर दिए हैं। सरकार के मुताबिक इस साल कुल कमाई लगभग 1.11 ट्रिलियन रियाल रही है। हालांकि, कमाई के मुकाबले खर्च ज्यादा होने की वजह से बजट में घाटा दर्ज किया गया है।
वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी फरवरी 2026 के अंत में आधिकारिक तौर पर दी थी। रिपोर्ट में बताया गया कि साल 2025 में कुल खर्च 1.38 ट्रिलियन रियाल तक पहुंच गया था, जिसकी वजह से बजट में 277 अरब रियाल का घाटा हुआ। यह घाटा पहले अनुमानित 245 अरब रियाल से कहीं ज्यादा था।
कमाई और खर्च का पूरा ब्योरा
सरकार की कमाई में तेल और गैर-तेल दोनों क्षेत्रों का हाथ रहा। तेल से हुई कमाई करीब 606.5 अरब रियाल रही, जबकि गैर-तेल स्रोतों से 505.3 अरब रियाल मिले। यह दिखाता है कि सऊदी अरब अब केवल तेल पर निर्भर न रहकर अपनी अर्थव्यवस्था को दूसरी दिशाओं में ले जा रहा है। साल के आखिरी तीन महीनों यानी चौथी तिमाही में कमाई 276.7 अरब रियाल रही, लेकिन खर्च 371.6 अरब रियाल रहा।
| विवरण | आंकड़ा (रियाल में) |
|---|---|
| कुल वास्तविक कमाई | 1,112 अरब (1.11 ट्रिलियन) |
| कुल वास्तविक खर्च | 1.38 ट्रिलियन |
| बजट घाटा | 277 अरब |
| तेल से कमाई | 606.5 अरब |
| गैर-तेल कमाई | 505.3 अरब |
| कुल सरकारी कर्ज | 1.51 ट्रिलियन |
| चौथी तिमाही की कमाई | 276.7 अरब |
कर्ज के मोर्चे पर देखें तो 2024 के अंत तक सरकारी कर्ज 1.21 ट्रिलियन रियाल था, जो 2025 के अंत तक बढ़कर 1.51 ट्रिलियन रियाल हो गया। यह करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
Vision 2030 का असर
मंत्रालय ने बताया कि यह सब Vision 2030 के तहत किया जा रहा है ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके। गैर-तेल क्षेत्र की जीडीपी में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों का बड़ा योगदान रहा। 2025 की पहली छमाही में जीडीपी का 55.6 प्रतिशत हिस्सा गैर-तेल सेक्टर से आया, जो 2016 में सिर्फ 45.4 प्रतिशत था।
