सऊदी अरब ने तकनीक की दुनिया में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने फैसला किया है कि साल 2026 को ‘Year of Artificial Intelligence’ यानी AI का साल माना जाएगा. इस फैसले का मकसद सऊदी को डेटा और AI का ग्लोबल हब बनाना है ताकि Vision 2030 के लक्ष्यों को पूरा किया जा सके.

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सऊदी अरब के AI प्लान में क्या-क्या खास है?

सऊदी कैबिनेट ने 10 मार्च 2026 को इस फैसले पर अपनी मंजूरी दी थी. इसके बाद 26 मार्च 2026 को सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) ने इसके लिए गाइडलाइंस जारी कीं. इस पूरे अभियान के लिए #SaudiAIYear हैशटैग का इस्तेमाल किया जाएगा. इसका लक्ष्य सरकारी विभागों, प्राइवेट कंपनियों और आम लोगों को AI तकनीक से जोड़ना है. क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इस पूरी मुहिम का नेतृत्व कर रहे हैं.

AI के क्षेत्र में सऊदी अरब की अब तक की उपलब्धियां

सऊदी अरब ने AI के मामले में दुनिया भर में अपनी धाक जमाई है. सरकारी कामों में AI के इस्तेमाल के मामले में यह दुनिया में पहले नंबर पर है. नीचे दी गई टेबल में सऊदी की प्रगति की जानकारी दी गई है:

क्षेत्र उपलब्धि और डेटा
Global AI Index रैंकिंग 14वां स्थान
पब्लिक सेक्टर AI एडॉप्शन दुनिया में पहले नंबर पर
सरकारी खर्च में बढ़ोत्तरी (2024) 56% से ज्यादा
AI कंपनियों को मिली फंडिंग करीब 9.1 अरब डॉलर
ट्रेनिंग पाए विशेषज्ञ 11,000 से ज्यादा

आने वाले समय में कौन से बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू होंगे?

सऊदी ने ‘Hexagon’ नाम का दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी डेटा सेंटर शुरू किया है जिसकी क्षमता 480 मेगावाट है. इसके साथ ही Shaheen III सुपरकंप्यूटर भी लॉन्च किया गया है. Microsoft ने भी कन्फर्म किया है कि उसका सऊदी डेटा सेंटर 2026 की आखिरी तिमाही तक काम करना शुरू कर देगा. इससे न केवल सरकारी काम आसान होंगे बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब ने 2026 को AI का साल क्यों घोषित किया है?

इसका मकसद देश में AI तकनीक को बढ़ावा देना, लोगों में जागरूकता फैलाना और सऊदी अरब को डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वैश्विक केंद्र बनाना है.

सऊदी अरब की AI रैंकिंग क्या है?

सऊदी अरब 2025 के Global AI Index में 14वें स्थान पर है और पब्लिक सेक्टर में AI अपनाने के मामले में दुनिया में पहले नंबर पर है.