सऊदी अरब के नगरपालिकाओं और आवास मंत्रालय (Ministry of Municipalities and Housing) ने कारोबारियों के लिए एक बड़ी राहत दी है. सरकार ने अब 24 घंटे चलने वाली कई व्यावसायिक गतिविधियों के लिए वित्तीय शुल्क (financial fees) माफ कर दिया है. इस कदम से उन बिजनेस को काफी मदद मिलेगी जो अपनी सेवाएं बिना रुके दिन-रात देते हैं.
यह छूट उन बिजनेस को मिलेगी जो नगरपालिकाओं और सुरक्षा अधिकारियों से 24 घंटे संचालन का परमिट लेते हैं. नियमों के मुताबिक, यह परमिट मुख्य रूप से आधी रात से सुबह 5 बजे तक के समय के लिए होता है. हालांकि, रमजान के पवित्र महीने और ईद की छुट्टियों के दौरान इस समय की पाबंदी को हटा दिया जाता है.
किन बिजनेस को मिलेगी फीस में छूट
मंत्रालय ने उन श्रेणियों की लिस्ट जारी की है जिन्हें इस वित्तीय छूट का लाभ मिलेगा. इसमें ईंधन स्टेशनों से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक को शामिल किया गया है:
| बिजनेस कैटेगरी | विवरण |
|---|---|
| ईंधन स्टेशन | सिर्फ फ्यूल डिस्पेंसिंग सेवाओं के लिए |
| सर्विस सेंटर | जो शहरी इलाकों से बाहर स्थित हैं |
| होटल | सभी होटल और होटल अपार्टमेंट |
| रिसॉर्ट्स | रिसॉर्ट्स और इसी तरह की अन्य आवास सुविधाएं |
| फार्मेसी | 24 घंटे चलने वाली दवा की दुकानें |
| स्वास्थ्य सेवाएं | मेडिकल एक्टिविटीज जो 24 घंटे चालू रहती हैं |
| शैक्षणिक संस्थान | 24 घंटे ऑपरेटिंग सिस्टम वाले एजुकेशन सेंटर |
| वेडिंग हॉल | शादी समारोह के लिए इस्तेमाल होने वाले हॉल |
| रेस्ट हाउस | मनोरंजन और आराम के लिए बने रेस्ट हाउस |
परमिट के लिए जरूरी शर्तें
24 घंटे काम करने और फीस छूट पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है. सबसे पहले बिजनेस के पास एक वैध दुकान लाइसेंस (Shop License) होना चाहिए. इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से कुछ बिजनेस को निगरानी कैमरे (Surveillance Cameras) लगाने के निर्देश दिए जा सकते हैं.
नगरपालिकायें खास सड़कों और लोकेशन तय करेंगी जहां ये बिजनेस चल सकेंगे, ताकि रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को कोई परेशानी न हो. इसके अलावा, कर्मचारियों की शिफ्ट और काम के घंटों को लेकर मंत्रालय ने अलग नियम बनाए हैं. इन सभी बिजनेस को सऊदी लेबर रेगुलेशन और महिलाओं के रोजगार से जुड़े कानूनों का पालन करना होगा.
जानकारी के मुताबिक, 24 घंटे काम करने की अनुमति का मूल फैसला काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने जुलाई 2019 में लिया था. इसके बाद 1 जनवरी 2020 से इस सिस्टम को लागू किया गया और अब फीस छूट के जरिए इसे और आसान बनाया गया है.
