क्षेत्र में चल रहे तनाव और युद्ध के हालातों के बीच सऊदी अरब ने खाड़ी देशों तक सामान पहुंचाने के लिए अपनी रफ्तार बढ़ा दी है। मिली जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब से हर दिन लगभग 4600 ट्रक पड़ोसी देशों की सीमाओं को पार कर रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते में आ रही दिक्कतों को देखते हुए सऊदी अरब और यूएई ने नए जमीनी रास्ते अपनाए हैं ताकि जरूरी सामानों की सप्लाई न रुके और आम लोगों को किसी तरह की किल्लत का सामना न करना पड़े।

सरकार ने ट्रकों और सामान की आवाजाही के लिए क्या बदलाव किए हैं?

सऊदी अरब की जकात, टैक्स और सीमा शुल्क प्राधिकरण (ZATCA) और परिवहन मंत्रालय ने रसद यानी लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के लिए नियमों में ढील दी है। अब सऊदी और अन्य खाड़ी देशों के ट्रकों की काम करने की समय सीमा को बढ़ाकर 22 साल कर दिया गया है। इसके अलावा, खाली रेफ्रिजेरेटेड ट्रकों को सऊदी अरब में आने की इजाजत दी गई है ताकि वे वहां से पड़ोसी देशों के लिए सामान ले जा सकें। दम्मम के किंग अब्दुलअजीज पोर्ट पर सामान रखने के लिए 60 दिनों तक की फीस माफ कर दी गई है।

सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए मुख्य आंकड़े

सऊदी अरब के पास 5 लाख से ज्यादा ट्रकों का बड़ा बेड़ा है जो इस मुश्किल वक्त में सप्लाई चेन को संभाले हुए है। जेद्दा इस्लामिक पोर्ट पर रोजाना औसतन 4700 से ज्यादा ट्रकों का आना-जाना हो रहा है ताकि रेड सी पोर्ट्स के जरिए व्यापार सुरक्षित रहे। नीचे दी गई तालिका में मुख्य जानकारी विस्तार से दी गई है।

विवरण महत्वपूर्ण जानकारी
रोजाना सीमा पार करने वाले ट्रक लगभग 4600 ट्रक
ट्रकों की नई परिचालन आयु 22 वर्ष तक बढ़ाई गई
स्टोरेज शुल्क में छूट 60 दिनों तक (किंग अब्दुलअजीज पोर्ट)
सऊदी नेशनल ट्रक बेड़ा 5,00,000 से अधिक ट्रक
मुख्य बंदरगाह गतिविधियां जेद्दा और दम्मम पोर्ट पर लोड बढ़ा

सड़क सामान्य प्राधिकरण (RGA) ने कहा है कि किंग फहद कॉज़वे, सऊदी-ओमान हाईवे और कतर व कुवैत जाने वाले रास्तों पर ट्रकों की आवाजाही के लिए सभी इंतजाम पूरे हैं। जेद्दा पोर्ट का इस्तेमाल अब उन सामानों के लिए भी किया जा रहा है जिन्हें अन्य खाड़ी बंदरगाहों से डायवर्ट किया गया है। इसका सीधा फायदा उन प्रवासियों और स्थानीय लोगों को होगा जो अपनी दैनिक जरूरतों के सामान के लिए इन रास्तों पर निर्भर हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.