Saudi Arabia में AI का बड़ा बदलाव, 2026 बना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का साल और तेजी से बढ़ रहा कारोबार.

सऊदी अरब में तकनीकी क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने यहां के उद्योगों और बिजनेस मॉडल के लिए विकास के नए रास्ते खोल दिए हैं। सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी गई कि देश में डिजिटल बदलाव को बढ़ावा देने के लिए साल 2026 को आधिकारिक तौर पर "Year of Artificial Intelligence" घोषित किया गया है। सऊदी डेटा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी यानी SDAIA के नेतृत्व में देश में नेशनल स्ट्रेटजी फॉर डेटा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर तेजी से काम चल रहा है। यह पूरा कदम क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री हिज रॉयल हाईनेस प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के विजन 2030 का एक मुख्य हिस्सा है, जिसका मकसद सऊदी अरब को डेटा और एआई के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा हब बनाना है।
सऊदी अरब में तेजी से बढ़ रहा इंटरनेट और एआई का इस्तेमाल
सऊदी अरब के अंदर एआई टूल्स का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है और आम लोग भी इसमें पीछे नहीं हैं। आंकड़े बताते हैं कि 10 अगस्त 2026 तक देश के 45.2% इंटरनेट यूजर इन आधुनिक एआई टूल्स का उपयोग कर रहे थे, जो कि पिछले साल की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है। यह बढ़ोतरी इस बात को साफ करती है कि देश का डिजिटल माहौल कितना मजबूत हो चुका है और सरकार लगातार इसके लिए प्रयास कर रही है। साल 2026 की पहली छमाही में सऊदी अरब का बिजनेस सेक्टर भी काफी बड़ा हुआ है और हजारों नई कंपनियां शुरू हुई हैं, जिससे एआई पर आधारित नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन माहौल तैयार हुआ है। इसके अलावा देश का डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बहुत मजबूत किया गया है, जहां डेटा सेंटर की क्षमता साल 2021 से 2025 के बीच लगभग छह गुना बढ़कर 440 मेगावाट से ज्यादा हो गई है, जो कि एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए बहुत जरूरी है।
ग्लोबल फोरम और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग की ओर कदम
कम्युनिकेशंस, स्पेस एंड टेक्नोलॉजी कमीशन यानी CST, माइक्रोसॉफ्ट और Accenture जैसी बड़ी कंपनियों ने इन सभी विकास कार्यों में SDAIA की बहुत बड़ी भूमिका की तारीफ की है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में जल्द ही यूनेस्को ग्लोबल फोरम ऑन एआई एथिक्स का आयोजन होने जा रहा है, जो कि एआई वर्ष और ग्लोबल एआई समिट 2026 के साथ ही आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में इंटरनेशनल सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च एंड और एथिक्स यानी ICAIRE के लिए यूनेस्को की स्पॉन्सरशिप भी शामिल है, जहां दुनिया भर के बड़े फैसले लेने वाले अधिकारी और एक्सपर्ट एआई के नियमों पर चर्चा करेंगे। संस्कृति मंत्री प्रिंस बदर बिन अब्दुल्ला ने यह बात कही कि इस फोरम की मेजबानी करना इस बात का सबूत है कि सऊदी अरब सही और जिम्मेदार तरीके से एआई को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। ओबेकान इन्वेस्टमेंट ग्रुप जैसी कंपनियां पहले से ही एआई और आईओटी तकनीकों का इस्तेमाल करके स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग की तरफ बढ़ रही हैं, जिससे देश के उद्योगों को एक नई दिशा मिल रही है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Saudi Press Agency (SPA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।