सऊदी अरब ने मक्का और मदीना की पवित्र मस्जिदों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए AI रोबोट तैनात किए हैं। ये स्मार्ट रोबोट दुनिया भर से आने वाले हाजियों और जायरीन की मदद करेंगे। अब लोगों को अपनी भाषा में धार्मिक जानकारी और रास्तों के बारे में पूछने के लिए किसी इंसान का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।

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AI रोबोट श्रद्धालुओं की मदद कैसे करेंगे?

Presidency of Religious Affairs ने इन रोबोट्स को लगाया है ताकि जायरीन का अनुभव बेहतर हो सके। ये रोबोट धार्मिक सवालों के जवाब देंगे, मस्जिद के अंदर की सुविधाओं और जगहों के बारे में बताएंगे और तुरंत अनुवाद (translation) की सुविधा भी देंगे। इससे अलग-अलग देशों और संस्कृतियों से आने वाले लोगों को अपनी भाषा में जानकारी मिल सकेगी।

अल-खर्ज सेंटर में 69 भाषाओं वाला रोबोट

हज 2026 के लिए अल-खर्ज के Guests of the Merciful Service Centre में एक खास रोबोट तैनात किया गया है। इंजीनियर ओसामा अल-शुमैमरी द्वारा बनाए गए इस रोबोट की खासियत यह है कि यह 69 भाषाओं में बात कर सकता है। सड़क मार्ग से आने वाले हाजियों को यह एंट्री प्रोसेस, सेंटर की सेवाओं और मक्का जाने के रास्तों के बारे में जानकारी देगा।

शेख अब्दुल रहमान अल-सुदाइस का बड़ा डिजिटल प्लान

शेख डॉ. अब्दुल रहमान अल-सुदाइस ने हज सीजन के लिए एक विस्तृत ऑपरेशन प्लान बताया है। इसमें 150 से ज़्यादा खास पहल शामिल हैं, जिनमें AI तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस योजना के तहत 60 से ज़्यादा भाषाओं में जागरूकता फैलाई जाएगी और धार्मिक सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का और मदीना में रोबोट कब तैनात किए गए?

13 मई 2026 को प्रेसीडेंसी ऑफ रिलिजियस अफेयर्स ने इन स्मार्ट रोबोट्स को तैनात किया ताकि जायरीन को डिजिटल मदद और मार्गदर्शन मिल सके।

अल-खर्ज वाला रोबोट किन भाषाओं में बात करता है?

अल-खर्ज सर्विस सेंटर में तैनात रोबोट 69 अलग-अलग भाषाओं में बात कर सकता है और हाजियों को एंट्री प्रोसेस और रास्तों की जानकारी देता है।