सऊदी अरब ने दुनिया भर में बेघर हुए लोगों और शरणार्थियों की मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाया है। किंगडम ने इसके लिए 23.76 अरब डॉलर की बड़ी राशि खर्च की है। यह मदद उन लोगों के लिए है जो युद्ध या संकट की वजह से अपना घर छोड़ चुके हैं।

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सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) ने बताया कि यह पैसा उन कमजोर लोगों की मदद के लिए है जो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार बड़ी वित्तीय मदद दे रहा है।

KSrelief का नया प्लान

किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) ने साल 2026 के लिए अपना नया प्लान पेश किया है। इसके तहत 44 देशों में 113 प्रोजेक्ट्स चलाए जाएंगे, जिससे करीब 12 मिलियन लोगों को फायदा होगा। इस पूरे काम पर 400 मिलियन सऊदी रियाल (लगभग 106.6 मिलियन डॉलर) खर्च किए जाएंगे।

संयुक्त राष्ट्र की फाइनेंशियल ट्रैकिंग सर्विस के मुताबिक, मानवीय सहायता के मामले में सऊदी अरब 2025 में दुनिया में दूसरे नंबर पर और अरब देशों में पहले नंबर पर रहा।

यमन और गाजा में सहायता

मई 2026 में KSrelief और UNHCR ने यमन के लिए एक समझौता किया। इसके तहत 3 मिलियन डॉलर से ज्यादा की मदद दी जाएगी ताकि वहां करीब 44,722 शरणार्थियों को कानूनी मदद और इलाज मिल सके। वहीं, जून 2026 में गाजा में भी टेंट भेजे गए ताकि बेघर परिवारों को सिर छुपाने की जगह मिल सके।

सऊदी अरब में रहने वाले शरणार्थियों, जैसे सीरिया, यमन और म्यांमार के लोगों को मुफ्त शिक्षा और इलाज की सुविधा दी जाती है। ये लोग सऊदी की कुल आबादी का करीब 5.5% हिस्सा हैं।

सऊदी अरब द्वारा दी गई मदद का ब्योरा

मदद का विवरण राशि / आंकड़े
कुल वैश्विक मदद (1950 से अब तक) 130 अरब डॉलर
पिछले 4 दशकों की कुल मानवीय मदद 115 अरब डॉलर
सऊदी के भीतर शरणार्थियों पर खर्च 22 अरब डॉलर
विजिटर शरणार्थियों पर खर्च (2011-2023) 18.57 अरब डॉलर
ताज़ा सहायता राशि (शरणार्थियों के लिए) 23.76 अरब डॉलर
2026 प्लान की लागत 400 मिलियन रियाल