सऊदी अरब के कई शहरों में हवा की क्वालिटी में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। 19 मई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, अरार शहर में हवा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब दर्ज की गई है। इस वजह से आम लोगों और प्रवासियों को बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि धूल भरी हवाओं का असर बढ़ गया है।

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सऊदी अरब में हवा खराब होने की मुख्य वजह क्या है?

रीजनल सेंटर फॉर डस्ट एंड सैंडस्टॉर्म्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 17 मई 2026 को पूरे क्षेत्र में कुल 116 घंटे धूल भरी स्थिति रही। सऊदी अरब इस दौरान दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश था, जहाँ 28 घंटे तक धूल भरी हवाएं चलीं। इसी धूल और मिट्टी की वजह से हवा की क्वालिटी बिगड़ी है। यह समस्या सिर्फ सऊदी में नहीं थी, बल्कि मिस्र के पर्यावरण मंत्रालय ने भी 16 मई को ऐसी ही चेतावनी दी थी।

हवा की निगरानी के लिए सरकार ने क्या इंतजाम किए हैं?

सऊदी अरब का पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय 25 मई 2021 से हवा की गुणवत्ता के लिए खास नियम लागू कर रहा है। नेशनल सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल कम्प्लायंस हवा की निगरानी करता है और प्रदूषण को कम करने के लिए नेशनल प्लान तैयार करता है। साथ ही, जनरल अथॉरिटी ऑफ मीटियोरोलॉजी एंड एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन ने देशभर में करीब 45 जगहों पर एक सिस्टम लगाया है, जो रंग के जरिए बताता है कि हवा अच्छी है या खतरनाक।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अरार शहर में हवा की स्थिति कैसी है?

19 मई 2026 को अरार शहर में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण इलाके में चलने वाली धूल भरी हवाएं थीं।

क्या यह धूल भरी हवाएं सिर्फ सऊदी अरब में थीं?

नहीं, यह एक क्षेत्रीय समस्या थी। मिस्र के पर्यावरण मंत्रालय ने भी 16 मई को चेतावनी दी थी कि धूल और रेत वाली हवाओं के कारण हवा की क्वालिटी गिर रही है।