सऊदी अरब में आज 11 मार्च 2026 को हवा की क्वालिटी यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का नया डेटा जारी किया गया है। नेशनल सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल कंप्लायंस (NCEC) और स्थानीय मीडिया Akhbar24 की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के ज्यादातर शहरों में हवा बिल्कुल साफ है और इसे ‘ग्रीन’ कैटेगरी में रखा गया है। हालांकि, मदीना और हाइल शहरों के कुछ हिस्सों में हवा के स्तर में थोड़ा बदलाव देखा गया है और यह ‘येलो’ यानी मध्यम श्रेणी में पहुंच गया है।

मदीना और हाइल में हवा का स्तर कैसा है?

मदीना और हाइल के कुछ स्टेशनों पर हवा का स्तर येलो जोन में दर्ज किया गया है। इसका मतलब है कि आम लोगों के लिए हवा ठीक है, लेकिन जिन लोगों को सांस या दिल की बीमारी है, उन्हें थोड़ी परेशानी हो सकती है। ऐसे लोगों को ज्यादा देर तक बाहर रहने से बचने की सलाह दी जाती है। हवा की निगरानी के लिए पूरे देश में 240 मॉनिटरिंग स्टेशन काम कर रहे हैं। ये स्टेशन हर 5 मिनट में प्रदूषण से जुड़ा डेटा देते हैं ताकि लोगों को सही जानकारी मिल सके। आज NCEC ने 60 खास टेक्निकल रिपोर्ट भी जारी किए हैं, जिससे मिट्टी और शोर के स्तर का भी पता चलेगा।

धूल और प्रदूषण रोकने के लिए सरकार का एक्शन

प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए NCEC ने सख्ती बढ़ा दी है। NCEC के प्रवक्ता साद अल-मतराफी ने बताया कि हवा को साफ रखने के लिए निगरानी तेज कर दी गई है। खास तौर पर रियाद में कंस्ट्रक्शन साइट्स पर धूल उड़ने से रोकने के लिए 1700 से ज्यादा बार चेकिंग की गई है। जांच के दौरान कई साइट्स पर नियमों का पालन नहीं होने पर तुरंत कार्रवाई भी हुई है।

  • नियमों का पालन: रियाद में 80 प्रतिशत कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स सरकार के 11 पर्यावरण नियमों का सही से पालन कर रहे हैं।
  • कार्रवाई और जुर्माना: धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव नहीं करने और ट्रकों को खुला छोड़ने पर 350 से ज्यादा उल्लंघन दर्ज किए गए हैं।
  • नई रिपोर्टिंग: पर्यावरण पर असर डालने वाले सभी संस्थानों को अब एक ही प्लेटफार्म पर हर महीने या हर तीन महीने में अपनी रिपोर्ट जमा करनी होगी।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.