सऊदी अरब के रियाद और मदीना शहरों में हवा की क्वालिटी काफी गिर गई है। 21 मई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ इलाकों में हवा का स्तर सेहत के लिए हानिकारक और अनहेल्दी हो गया है। हालांकि, देश के बाकी शहरों में हवा की स्थिति सामान्य और सुरक्षित बनी हुई है, जहाँ मॉनिटरिंग स्टेशन ग्रीन रेंज में हैं।
रियाद और मदीना में हवा की क्या स्थिति है?
Akhbar24 की रिपोर्ट के अनुसार, रियाद और मदीना के कुछ मोहल्लों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का स्तर काफी बढ़ गया है, जो अब सेहत के लिए नुकसानदेह है। मदीना के लिए AccuWeather के डेटा ने भी इस बात की पुष्टि की है, जहाँ PM10 पार्टिकुलेट मैटर का स्तर पूरी तरह से अनहेल्दी पाया गया और PM2.5 का स्तर भी खराब रहा। यह स्थिति वहाँ रहने वाले स्थानीय लोगों और भारतीय प्रवासियों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि खराब हवा का सीधा असर फेफड़ों और सांस पर पड़ता है।
हवा की क्वालिटी और रंगों का क्या मतलब है?
सऊदी अरब में हवा की शुद्धता को मापने के लिए रंगों के पैमाने का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि आम लोग इसे आसानी से समझ सकें:
- हरा (Green): हवा की क्वालिटी अच्छी और स्वस्थ है।
- पीला (Yellow): हवा मध्यम स्तर पर है।
- नारंगी (Orange): संवेदनशील समूहों के लिए अनहेल्दी।
- लाल (Red): हवा अनहेल्दी है।
- नीला (Blue): हवा हानिकारक स्तर पर है।
- भूरा (Brown): हवा सबसे खतरनाक स्तर पर है।
हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, ग्राउंड लेवल ओजोन और धूल के कण जैसे प्रदूषक जब बढ़ते हैं, तो ये नर्वस सिस्टम और श्वसन प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं।
पर्यावरण की निगरानी कौन सी संस्थाएं करती हैं?
सऊदी अरब में पर्यावरण और मौसम की देखरेख के लिए पुराने सिस्टम में बदलाव किया गया है। पहले General Authority for Meteorology and Environmental Protection यह काम देखती थी, लेकिन मार्च 2019 में इसे भंग कर दिया गया। अब इसकी जिम्मेदारी तीन मुख्य केंद्रों को सौंपी गई है: National Center for Meteorology, National Center for Vegetation Cover Development and Combating Desertification और National Center for Environmental Compliance। यही केंद्र अब पूरे किंगडम में प्रदूषण और मौसम की निगरानी करते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रियाद और मदीना के अलावा अन्य शहरों में हवा की क्या स्थिति है?
रिपोर्ट के मुताबिक, रियाद और मदीना के कुछ हिस्सों को छोड़कर, सऊदी अरब के ज्यादातर शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स ग्रीन रेंज में है, जिसका मतलब है कि वहां हवा स्वस्थ है।
हवा की क्वालिटी खराब होने से सेहत पर क्या असर पड़ता है?
हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड और धूल के कणों (PM) की मात्रा बढ़ने से सांस लेने में दिक्कत होती है और यह इंसान के नर्वस सिस्टम और श्वसन प्रणाली के लिए हानिकारक होता है।
