सऊदी अरब के एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की संख्या में भारी उछाल आया है। साल 2025 में करीब 141 मिलियन लोगों ने सऊदी के हवाई अड्डों का इस्तेमाल किया। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 10 प्रतिशत ज्यादा है, जो सऊदी अरब के पर्यटन और व्यापार में आई तेजी को बताता है।
2025 में यात्रियों की संख्या और उड़ान का पूरा हिसाब
General Authority of Civil Aviation (GACA) के मुताबिक, साल 2025 में कुल 140.9 मिलियन यात्री सफर कर चुके हैं। इसमें 76 मिलियन अंतरराष्ट्रीय यात्री थे और 65 मिलियन लोगों ने देश के अंदर हवाई सफर किया। उड़ानों की संख्या में भी 8.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कुल 9,80,400 उड़ानें दर्ज की गईं।
| विवरण | आंकड़े (2025) |
|---|---|
| कुल यात्री | 140.9 मिलियन |
| कुल ग्रोथ | 9.6% |
| अंतरराष्ट्रीय यात्री | 76 मिलियन |
| घरेलू यात्री | 65 मिलियन |
| कुल उड़ानें | 9,80,400 |
| अंतरराष्ट्रीय गंतव्य (Destinations) | 176 |
किन एयरपोर्ट्स पर रहा सबसे ज्यादा दबाव और क्या हैं नए प्लान
सबसे ज्यादा भीड़ जेद्दा के King Abdulaziz International Airport पर रही, जहाँ कुल यात्रियों का 38 प्रतिशत हिस्सा था। इसके बाद रियाद के King Khalid International Airport का नंबर आया, जहाँ 29 प्रतिशत यात्री पहुंचे। मदीना और दम्मम एयरपोर्ट्स पर भी यात्रियों की संख्या उनकी क्षमता से काफी ज्यादा रही।
GACA के प्रेसिडेंट Abdulaziz Al-Duailej ने बताया कि यह सब सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है। साल 2026 के लिए सरकार ने बड़े प्लान बनाए हैं। अब 30 से ज्यादा नए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट शुरू किए जाएंगे। साथ ही, अप्रैल 2026 में रियाद में चौथे Future Aviation Forum का आयोजन होगा, जिसमें दुनिया भर के एक्सपर्ट्स हिस्सा लेंगे। नए एयरलाइंस जैसे Riyadh Air और Air Arabia Alliance को भी मंजूरी मिल चुकी है, जिससे आने वाले समय में यात्रियों को और ज्यादा विकल्प मिलेंगे और टिकटों के दाम में भी बदलाव आ सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
2025 में सऊदी के किस एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा यात्री पहुंचे?
जेद्दा का King Abdulaziz International Airport सबसे व्यस्त रहा, जहाँ कुल यात्री ट्रैफिक का 38 प्रतिशत हिस्सा था और रोजाना औसतन 1.46 लाख यात्री यहाँ से सफर करते थे।
सऊदी सरकार 2026 में हवाई यात्रा के लिए क्या नए बदलाव करेगी?
सरकार 30 से ज्यादा नए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू रूट शुरू करेगी और एयरपोर्ट के विकास में प्राइवेट सेक्टर की मदद लेगी ताकि यात्रियों की क्षमता को बढ़ाया जा सके।
