सऊदी अरब के अल-खरज (Al-Kharj) इलाके में 23 मार्च 2026 को इमरजेंसी अलार्म बजने से प्रवासियों और नागरिकों के बीच हलचल तेज हो गई। सऊदी सिविल डिफेंस ने नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजकर लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी। यह अलर्ट सेल ब्रॉडकास्ट (Cell Broadcast) तकनीक से भेजा गया था, जिससे फोन साइलेंट मोड पर होने के बावजूद एक खास नयनाभिराम टोन के साथ चेतावनी संदेश दिखाई दिया।

अल-खरज में चेतावनी जारी होने की मुख्य वजह क्या थी?

सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने रियाद की दिशा में आ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया था। इनमें से एक मिसाइल को सफलतापूर्वक मार गिराया गया, जबकि दूसरी मिसाइल आबादी से दूर एक खाली इलाके में जाकर गिरी। इसके साथ ही कुछ ड्रोन्स को भी विभिन्न क्षेत्रों में नष्ट किया गया। सुरक्षा की इसी स्थिति को देखते हुए अल-खरज में अर्ली वार्निंग सिस्टम सक्रिय किया गया था। कुछ समय बाद प्रशासन ने स्थिति सामान्य होने और खतरा टलने की घोषणा कर दी।

इमरजेंसी अलर्ट मिलने पर सुरक्षा के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?

सऊदी सिविल डिफेंस ने नागरिकों और प्रवासियों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है। जब भी मोबाइल पर ऐसा सुरक्षा संदेश आए, तो इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • अलर्ट मिलते ही बिना घबराए तुरंत किसी मजबूत इमारत या अंदरूनी कमरे में चले जाएं।
  • खिड़कियों, बालकनी, छत और शीशे वाली जगहों से पूरी तरह दूर रहें।
  • जब तक खतरा खत्म होने का आधिकारिक संदेश न मिले, तब तक बाहर न निकलें।
  • अगर आप वाहन चला रहे हैं, तो उसे पुलों और ऊंची इमारतों से दूर सड़क किनारे सुरक्षित पार्क कर दें।
  • घटनास्थल पर भीड़ लगाने या मोबाइल से वीडियो बनाने से बचें।
  • मक्का, मदीना और रियाद जैसे क्षेत्रों में आपातकालीन मदद के लिए 911 पर कॉल करें।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com