Saudi Heritage Commission का बड़ा खुलासा, अल-लईथ में मिली प्राचीन मस्जिद और सदियों पुराने चीनी बर्तन
सऊदी अरब के मक्का इलाके में एक बहुत बड़ी खोज हुई है। अल-लईथ गवर्नरेंस के अल-सरैन इलाके में पुरातत्व विभाग को एक प्राचीन मस्जिद और बहुत पुराने चीनी बर्तन मिले हैं। यह खोज सऊदी और चीन की एक संयुक्त टीम ने मिलकर की है, जिससे पुराने समय के व्यापार और इतिहास की नई बातें सामने आई हैं।
अल-सरैन साइट पर क्या-क्या मिला है?
खुदाई के दौरान साइट के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक पुरानी मस्जिद के अवशेष मिले हैं। इसके अलावा, चीन के उत्तरी सोंग राजवंश (960-1127 ईस्वी) के समय का एक चीनी सिरेमिक जार का टुकड़ा भी मिला है। इस जार पर चीनी अक्षर बने हुए हैं, जिससे पता चलता है कि उस दौर में चीन और लाल सागर के तटों के बीच व्यापार होता था।
इतना ही नहीं, यहाँ रहने वाले लोगों के घर, सामान रखने के कमरे, बर्तन बनाने की भट्ठियां और बस्ती के चारों तरफ एक बड़ी दीवार भी मिली है। इसके साथ ही पत्थर के औजार, कांच के टुकड़े और मोतियों जैसे सामान भी बरामद हुए हैं, जिनसे वहां के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी की जानकारी मिलती है।
अल-सरैन बंदरगाह क्यों खास था?
इतिहासकारों के मुताबिक, अल-सरैन लाल सागर के तट पर एक बहुत महत्वपूर्ण बंदरगाह था। यह जगह 10वीं और 11वीं शताब्दी के दौरान व्यापार के लिए सबसे ज्यादा मशहूर थी। यह बंदरगाह यमन, मक्का, पूर्वी अफ्रीका और पूर्वी एशिया के देशों को आपस में जोड़ता था।
यह जगह न केवल व्यापार के लिए, बल्कि हज यात्रा के रास्तों और समुद्री नेविगेशन के लिए भी एक बड़ा केंद्र हुआ करती थी। यह उस समय के इस्लामी समुद्री व्यापार नेटवर्क का एक अहम हिस्सा था।
आगे की योजना क्या है?
सऊदी हेरिटेज कमीशन ने बताया है कि वे इस जगह पर अपनी खुदाई और रिसर्च जारी रखेंगे। आने वाले समय में यहाँ और भी खोज की जाएगी ताकि इस बस्ती के इतिहास और शहर के विकास को पूरी तरह समझा जा सके।
इस पूरी प्रक्रिया में चीन का नेशनल कल्चरल हेरिटेज एडमिनिस्ट्रेशन भी सऊदी अरब की मदद कर रहा है। इस मिशन का मकसद इस ऐतिहासिक बंदरगाह की पूरी जानकारी दुनिया के सामने लाना है।