सऊदी अरब का अलुला अब दुनिया के लिए अंतरिक्ष और सितारों को समझने का एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। रॉयल कमीशन फॉर अलुला (RCU) के बोर्ड ने ‘अलुला मनारा’ (AlUla Manara) के डिजाइन को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है और इससे पर्यटन के साथ-साथ शिक्षा और रिसर्च को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

अलुला मनारा एक हाई-टेक डिस्कवरी सेंटर होगा जहाँ खगोल विज्ञान (Astronomy) और अंतरिक्ष विज्ञान की रिसर्च की जाएगी। यहाँ आम लोगों के लिए एजुकेशनल एग्जीबिट्स होंगे और रात में सितारों को देखने के लिए वहीं रुकने की सुविधा भी मिलेगी। इस सेंटर को इस तरह बनाया जाएगा कि पर्यावरण पर इसका असर कम से कम हो और तकनीक का इस्तेमाल ज्यादा हो।

इस कॉम्प्लेक्स में एक बहुत एडवांस रिसर्च प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इसमें 4 मीटर क्लास का एक और 2 मीटर क्लास के दो टेलिस्कोप लगाए जाएंगे। इसके साथ ही एक पब्लिक-एंगेजमेंट सेंटर भी होगा ताकि आम लोग और छात्र भी अंतरिक्ष के रहस्यों को आसानी से समझ सकें।

बता दें कि अलुला और अलघरामिल नेचर रिजर्व को पहले ही डार्क स्काई पार्क (Dark Sky Park) का दर्जा मिल चुका है। यहाँ का आसमान दुनिया के सबसे साफ आसमानों में गिना जाता है, जो सितारों को देखने के लिए सबसे बेहतर है। इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए सऊदी अरब ने SETI इंस्टीट्यूट के साथ समझौता भी किया है।

इस बड़े प्रोजेक्ट से सऊदी अरब में नई नौकरियां पैदा होंगी और स्थानीय युवाओं को नए हुनर सीखने को मिलेंगे। इसका मुख्य मकसद अलुला को ‘एस्ट्रोटूरिज्म’ (Astrotourism) के लिए एक ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाना है ताकि दुनिया भर से लोग यहाँ सितारों की खोज के लिए आ सकें।