सऊदी अरब के निवेश मंत्रालय ने ‘अमीरल’ (Amiral) प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा समझौता किया है। यह प्रोजेक्ट सऊदी अरब के जुबैल शहर में लगेगा और इसका मकसद देश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। इस पूरे काम की देखरेख ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान की मौजूदगी में की गई।
अमीरल प्रोजेक्ट की मुख्य बातें और निवेश
इस प्रोजेक्ट के जरिए सऊदी अरब अपने पेट्रोकेमिकल सेक्टर को और मजबूत करना चाहता है। इससे ऑटोमोबाइल और कंस्ट्रक्शन जैसे उद्योगों को जरूरी कच्चा माल मिलेगा। नीचे इस प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य जानकारियां दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल निवेश | 11 अरब डॉलर |
| अतिरिक्त निवेश की उम्मीद | 4 अरब डॉलर |
| अनुमानित नौकरियां | 7,000 (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) |
| एथिलीन उत्पादन | 16.5 लाख टन सालाना |
| अरामको की हिस्सेदारी | 62.5% |
| TotalEnergies की हिस्सेदारी | 37.5% |
| चालू होने का समय | 2027 |
आम लोगों और रोजगार पर क्या असर पड़ेगा?
इस प्रोजेक्ट से सऊदी अरब में रहने वाले लोगों के लिए रोजगार के नए मौके खुलेंगे। करीब 7,000 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से काम मिलेगा। यह प्रोजेक्ट न केवल तेल उत्पादन पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि प्लास्टिक, डिटर्जेंट और ऑटो पार्ट्स जैसे नए उद्योगों को भी बढ़ावा देगा। इससे स्थानीय स्तर पर सामान का उत्पादन बढ़ेगा और विदेशों में निर्यात भी ज्यादा होगा।
विज़न 2030 और भविष्य की योजना
यह पूरी योजना सऊदी विज़न 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बनाई गई है। इसका मकसद देश की अर्थव्यवस्था को तेल के अलावा अन्य उद्योगों से जोड़ना है। इस प्लांट का उत्पादन आधा सऊदी अरब के घरेलू उद्योगों के लिए होगा और बाकी का हिस्सा दुनिया भर के बाजारों में भेजा जाएगा। इससे देश की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी और विदेशी निवेश बढ़ेगा।
