सऊदी अरब के अल-लैथ इलाके में पुरातत्व विभाग को एक पुरानी मस्जिद और चीन के दुर्लभ मिट्टी के बर्तन मिले हैं। यह खोज अल-सरेन नाम की एक ऐतिहासिक जगह पर हुई है। सऊदी हेरिटेज कमीशन ने इस बारे में 21 अप्रैल 2026 को जानकारी दी। यह खुदाई चौथे सीजन का हिस्सा थी और इससे इस इलाके के पुराने इतिहास के बारे में नई बातें पता चली हैं।

अल-सरेन साइट पर क्या-क्या मिला है?

खुदाई के दौरान साइट के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक प्राचीन मस्जिद के अवशेष मिले हैं। इसके अलावा वहां पुराने घर, सामान रखने के कमरे और मिट्टी के बर्तन बनाने वाली भट्ठियां भी मिली हैं। शहर के चारों तरफ एक दीवार भी मिली है जिससे पता चलता है कि उस समय शहर की प्लानिंग कैसी थी। वहां से मिट्टी के बर्तन, धूप जलाने वाले बर्तन, पत्थर के औज़ार, मोतियां और कांच के टुकड़े भी मिले हैं।

चीन के साथ पुराने व्यापार के मिले सबूत

सबसे खास खोज चीन के उत्तरी सोंग राजवंश (960-1127 ईस्वी) के एक मिट्टी के जार का टुकड़ा है। इस टुकड़े पर चीनी भाषा के अक्षर लिखे हुए हैं। यह इस बात का सबूत है कि बहुत समय पहले दक्षिणी चीन और रेड सी तट के बीच व्यापार होता था। इस प्रोजेक्ट में सऊदी हेरिटेज कमीशन और चीन की नेशनल कल्चरल हेरिटेज एडमिनिस्ट्रेशन मिलकर काम कर रहे हैं। यह साझेदारी 2016 से चल रही है और इसे 2024 में आगे बढ़ाया गया है।

अल-सरेन पोर्ट की ऐतिहासिक अहमियत क्या है?

अल-सरेन रेड सी तट के सबसे पुराने और बड़े बंदरगाहों में से एक था। 10वीं और 11वीं शताब्दी के दौरान यहां व्यापार बहुत ज़्यादा होता था। यह जगह समुद्री सिल्क रोड का एक अहम हिस्सा थी, जो यमन, मक्का, पूर्वी अफ्रीका और पूर्वी एशिया के बंदरगाहों को आपस में जोड़ती थी। सरकार आने वाले समय में भी यहां खुदाई और रिसर्च जारी रखेगी ताकि यहां के इतिहास को और बेहतर तरीके से समझा जा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.